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Navratri Vrat Paran 2026: नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा 19 या 20 अक्टूबर, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Oct 19, 2026 08:57 am IST,  Updated : Oct 19, 2026 08:57 am IST

नवरात्रि व्रत का पारण अष्टमी, नवमी और दशमी किसी भी तिथि पर किया जा सकता है। लेकिन आपके यहां जो भी परंपरा है आप उसी के अनुसार यह व्रत पूर्ण करें। चलिए आपको बताते हैं नवरात्रि व्रत पारण की सही डेट और मुहूर्त।

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नवरात्रि व्रत पारण 2026 Image Source : INDIA TV

Shardiya Navratri Paran 2026: कहते हैं कोई भी व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब उसका विधि विधान से पारण किया जाए। यही बात नवरात्रि व्रत पर भी लागू होती है। नवरात्रि व्रत का पारण कोई अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन के बाद कर लेता है तो कोई नवमी तिथि पर करता है। वहीं जो लोग पूरे नौ दिनों तक माता रानी के व्रत रखते हैं वो अमूमन दशमी तिथि पर इस व्रत को खोलते हैं। लेकिन आपके यहां जो भी परंपरा है आप उसी के अनुसार इस व्रत का पारण करें। चलिए जानते हैं नवरात्रि व्रत का पारण कब और कैसे करना चाहिए। इसके लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेंगे।

नवरात्रि व्रत का पारण कब है 2026

  • नवरात्रि व्रत का पारण 19 और 20 अक्टूबर दोनों दिन है। अगर आप नवमी तिथि पर व्रत खोलते हैं तो आप 19 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 51 मिनट से लेकर 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 तक के बीच में कभी भी व्रत खोल सकते हैं। वहीं जो लोग दशमी तिथि पर ये व्रत खोलते हैं वे 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट के बाद कभी भी इस व्रत को खोल सकते हैं। 
  • कुछ लोग नवरात्रि व्रत का पारण अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन के बाद करते हैं। अगर आप भी ऐसे ही करते हैं तो 19 अक्टूबर को हवन और कन्या पूजन के बाद आप अपना व्रत खोल सकते हैं। 

नवरात्रि व्रत पारण विधि

  • नवरात्रि व्रत के पारण से पहले माता दुर्गा की विधि विधान पूजा करें।
  • इसके बाद माता रानी का हवन करें।
  • फिर विधि विधान से कन्या पूजन करें।
  • इसके बाद माता रानी को चढ़ाए गए भोग हलवा, चना और पूरी को ग्रहण करके अपना व्रत खोल लें।

कलश विसर्जन कब करना है?

कलश विसर्जन कोई नवमी तिथि पर करता है तो कोई दशमी पर। आपके यहां जिस भी दिन कलश विसर्जित किया जाता है आप उसी के अनुसार ये कार्य करें। अगर नवमी तिथि पर कलश विसर्जन करना चाहते हैं तो 19 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 51 मिनट से लेकर 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 तक के बीच में कभी भी कलश विसर्जन किया जा सकता है। अगर दशमी पर इस कार्य को करना चाहते हैं तो 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट के बाद कभी भी कलश विसर्जित कर सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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