फ्रांस में पिछले तीन दिन से उपद्रव कर रहे लोगों के खिलाफ एक्शन शुरू हो चुका है। पुलिस ने अब तक 2 हजार 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। अकेले रविवार को 2 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मेक्रों ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिन्होंने भी तोड़फोड़ की है। तबाही मचाई है। उन्हें ही इसका भुगतान करना होगा।
फ्रांस के शहरों में लूटपाट और आगजनी
मेक्रों ने कहा कि अल्ट्रा लेफ्ट समूहों के प्रदर्शनकारियों और उनके साथ शामिल उपद्रवियों ने फ्रांस के शहरों में लूटपाट और आगजनी की है। पुलिस के मुताबिक पांच लाख से ज्यादा प्रदर्शकारियों ने फ्रांस में 148 जगहों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दुकानों को लूटा गया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया लेकिन अब लूटपाट करने वालों को भरपाई करनी होगी।
लूटपाट और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ एक्शन शुरू
फ्रांस में आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ एक्शन शुरू हो चुका है। एक-एक उपद्रवी की पहचान की जा रही है। फ्रांस में नियम बना दिया गया है। ठीक वही नियम जो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बनाया था। उसी तरह मेक्रों ने भी साफ कर दिया है, जिन्होंने तबाही मचाई है। उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।
जिन्होंने तबाही मचाई, उन्हें कीमत चुकानी होगी
राष्ट्रपति इमेनुअल मेक्रों ने कहा कि हमारे न्यायाधीश आपके नाम पर न्याय करते हैं और वे जानते हैं कि आप क्या अपेक्षा रखते हैं। जब भी कोई अपराध होता है तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने तबाही मचाई है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। जिन्होंने लूटपाट की है, उन्हें भरपाई करनी होगी। जिन लोगों ने गणतंत्र को गिराने की कोशिश की है, उन्हें इसका जवाब देना होगा।
इमारतों, स्टोरों और टाउन हॉल पर किए गए हमले
इमेनुअल मेक्रों ने कहा कि आज शाम मैं आपसे एक बेहद गंभीर स्थिति में बात कर रहा हूं। कल फ्रांस के कई शहरों में चाहे वे मुख्य भूमि पर हों या विदेशों में, जो कुछ हुआ। उसके बाद यह बात और भी अहम हो जाती है कि कल शनिवार (17 अक्तूबर) को अति-वामपंथी समूहों के प्रदर्शनकारियों और उनके साथ शामिल कई उपद्रवियों ने हमारे शहरों में बेतहाशा हिंसा की। दुकानों को लूटा गया। सार्वजनिक इमारतों, स्टोरों तथा टाउन हॉल पर हमले किए गए।
19वीं सदी के सिटी हॉल में लगाई आग
फ्रांस में दंगाइयों ने 143 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत को तबाह कर दिया। 19वीं सदी के सिटी हॉल में आग लगा दी। पेरिस के लिमोगेस में में धू-धू करता सिटी हॉल दो-दो विश्व युद्ध देख चुका है। लेकिन अब उपद्रवियों ने इसमें आ लगा दी है।
विरोध प्रदर्शनों में लगभग 5 लाख 50 हजार लोगों ने हिस्सा लिया
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों में लगभग 5 लाख 50 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। ये संख्या आठ लाख तक हो सकती है। प्रदर्शनकारियों ने मजदूर संघ, छात्र संगठनों और कार्यकर्ताओं के आह्वान पर हिस्सा लिया। हालात अभी भी ऐसे ही हैं। प्रोटेस्ट के नाम पर इकट्ठा हुए नकाबपोश दंगाई। पुलिस की गाड़ियों को खदेड़कर भगा रहे हैं। बची खुची दुकानों में लूटपाट कर रहे हैं। राजधानी पेरिस ही नहीं, विरोध प्रदर्शनों के नाम पर हिंसा। आगजनी और लूट-पाट की इस आग ने पूरे फ्रांस को अपनी चपेट में ले लिया है।
ये भी पढ़ें:
"लोग नहीं जानते कि मेरे फैसले का मतलब क्या है", जानिए अब ऐसा क्यों बोले डोनाल्ड ट्रंप?