सितंबर के महीने में कर्मफलदाता शनि मिथुन, सिंह और कन्या राशि वालों के धैर्य और योग्यता की परीक्षा ले सकते हैं। इस माह में शनि की दृष्टि सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य और मिथुन-कन्या के स्वामी ग्रह बुध पर पड़ेगी। यही वजह है कि इन तीनों राशियों के जीवन पर शनि देव का असर देखने को मिलेगा। इन राशियों को ईमानदारी से किए गए कर्मों का तो अच्छा परिणाम प्राप्त होगा लेकिन किस्मत के सहारे बैठना इनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि शनि देव का कैसा असर मिथुन, सिंह और कन्या पर पड़ेगा।
मिथुन राशि
आपकी राशि के स्वामी ग्रह बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और मीन में बैठे शनि की सप्तम दृष्टि बुध पर पड़ेगी। इसके चलते अच्छे कर्मों का शुभ परिणाम आपको मिल सकता है। हालांकि सफलता पाने के लिए शॉर्टकट अपनाने की कोशिश करेंगे तो शनि देव राह में चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। ईमानदारी से की गई मेहनत ही इस माह में रंग लाएगी। इसके साथ ही जल्दबाजी में कोई भी कार्य आपको सितंबर के महीने में नहीं करना चाहिए वरना बुरी स्थिति में फंस सकते हैं।
सिंह राशि
आपकी राशि के स्वामी ग्रह सूर्य 17 अगस्त को कन्या में गोचर करेंगे और शनि की सप्तम दृष्टि की चपेट में आएंगे। इसके साथ ही शनि ग्रह वर्तमान में आपके त्रिक भाव में से एक अष्टम भाव में विराजमान हैं। ऐसे में सितंबर के महीने में किस्मत के सहारे बैठना आपके लिए भारी पड़ सकता है। मेहनत में कोताही नहीं बरतेंगे तो सफलता आपके कदम चूम सकती है। सिंह राशि के जातकों को अहंकार को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए वरना शनि की क्रूर दृष्टि आपके जीवन में परेशानियों का सबब बन सकती है। वाद-विवाद से जितना दूर रहेंगे उतना अच्छा है। शनि आपके धैर्य की परीक्षा इस माह में लेंगे। सामाजिक और पारिवारिक जीवन में जितना संयम बरतेंगे उतना ही आपके लिए अच्छा रहेगा।
कन्या राशि
सूर्य और बुध दोनों ही सितंबर के महीने में आपकी राशि में गोचर करेंगे। दोनों ही ग्रहों पर मीन में बैठे शनि की सप्तम दृष्टि होगी। इसलिए आपको मानसिक परेशानियों का सामना सितंबर के महीने में करना पड़ सकता है। हालांकि, सही दिनचर्या का पालन करेंगे और योग-ध्यान को जीवन में जगह देंगे तो शनि आपको सुखद परिणाम भी दे सकते हैं। यह महीना आपको आपके कर्मों के अनुसार ही परिणाम दिलाने वाला साबित होगा क्योंकि आपकी राशि के स्वामी बुध शनि की दृष्टि की चपेट में होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी योग्यता की परीक्षा हो सकती है। आपको सलाह दी जाती है कि हर कार्य को गंभीरता के साथ करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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