Shivling Puja Niyam: देवों के देव महादेव की पूजा के लिए सोमवार का दिन बहुत ही विशेष होता है। सप्ताह का यह दिन सृष्टि के संहारक शिव जी और चंद्रमा को समर्पित है। सोमवार के दिन सच्ची आस्था और मन से शिव आराधना और शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भक्तों की मनचाही मुरादें पूरी होने की मान्यताएं हैं। यही वजह है कि सोमवार के दिन शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। वहीं, जल्द ही सावन माह की भी शुरुआत होने वाली है, जब हर सोमवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जल चढ़ाते समय हमारा मुंह किस दिशा में होना चाहिए? शास्त्रों में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के भी कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में...
शिवलिंग पर जल चढ़ाने की सही दिशा
शास्त्रों में विस्तार से शिवलिंग पर जल अर्पित करने का सही तरीका बताया गया है। कहा जाता है कि शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय दिशा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय आपका मुंह हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
इसके अलावा जल चढ़ाने के लिए हमेशा चांदी के पात्र का उपयोग करें। अगर यह संभव नहीं है तो तांबे या कांसे के लोटे से शिवलिंग पर जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। भूलकर भी स्टील या लोहे के पात्र का उपयोग न करें। शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए तांबे का पात्र सबसे उत्तम माना गया है, लेकिन इससे दूध नहीं चढ़ाना चाहिए।
शिवलिंग पर डल चढ़ाने की सही विधि
शिवलिंग पर जल अर्पित करने से पहले जलाधारी के सामने स्थित गणेश जी को जल चढ़ाएं। इसके बाद बाईं ओर विराजमान भगवान कार्तिकेय को जल अर्पित करें। फिर मध्य भाग में स्थित माता सुंदरी और सर्प देवता को जल अर्पित करें। अंत में पूरे शिवलिंग पर श्रद्धा और भक्ति भाव से गोलाकार घुमाते हुए जल चढ़ाएं। शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पर जल चढ़ाने की यह विधि अत्यंत शुभ और पुण्यदायी मानी जाती है।
जल अर्पित करते समय करें इस मंत्र का जाप
महादेव की पूजा में मंत्रोच्चार का विशेष महत्व बताया है। शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय श्रद्धापूर्वक 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए। यह पंचाक्षरी मंत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसके नियमित जाप से शिव कृपा और मन को शांति प्राप्त होती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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