सावन माह की शिवरात्रि आज यानी 23 जुलाई को मनाई जा रही है। इस दिन शिव जी के भक्त उन्हें जलाभिषेक और व्रत करते हैं। मान्यता है कि सावन माह की शिवरात्रि के दौरान ही महादेव ने हलाहल विष पीकर संसार की रक्षा की थी। ऐसे में विष का प्रभाव कम करने के लिए देवताओं ने शिव जी का अभिषेक किया था, तब से सावन मनाया जा रहा है। इस दिन शिवभक्त भजन कीर्तन करते हैं और भक्ति में डूबे रहते हैं।
भजन करने के फायदे
महादेव के नाम जपने या उनके भजन गाने और सुनने से शरीर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। साथ ही मन शांत रहता है और सुकून की प्राप्ति होती है। ऐसे में आपको हम टॉप 10 बेस्ट गानों की लिस्ट बताने जा रहे हैं, जो आपके काम की।
टॉप 10 शिवरात्रि के भजन
शिव शंकर को जिसने पूजा
भोले गिरजापति हूं तु्म्हारी शरण
भोला शंकर है भंडारी
मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा
सुबह-सुबह ले शिव का नाम
जय भोले जय भंडारी
लेके कांवर मंदिर में तेरे आके
शिव कैलाशों के वासी
मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी
शिव समा रहे मुझमें और मैं शून्य हो रहा हूं
नीचे आपको कुछ गानों के लिरिक्स, जिन्हें पढ़कर आप भी गुनागुना सकते हैं।
भजन 1. शिव शंकर को जिसने पूजा
शिव-शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
शिव-शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो
डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन-दुखियों का दाता, जगत का पिता
डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन-दुखियों का दाता, जगत का पिता
सब पे करता है ये भोला शंकर दया
सबको देता है ये आसरा
सबको देता है ये आसरा
इन पावन चरणों में अर्पण आकर जो इक बार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
नाम ऊँचा है सबसे महादेव का
वंदना इसकी करते हैं सब देवता
नाम ऊँचा है सबसे महादेव का
वंदना इसकी करते हैं सब देवता
इसकी पूजा से वरदान पाते हैं सब
शक्ति का दान पाते हैं सब
शक्ति का दान पाते हैं सब
नाग, असुर, प्राणी सब पर ही भोले का उपकार हुआ
नाग, असुर, प्राणी सब पर ही भोले का उपकार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
शिव-शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
शिव-शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ
अंतकाल को भव-सागर में उसका बेड़ा पार हुआ
भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो
भजन 2. भोले गिरिजा पति हूँ तुम्हारी शरण
भँवर में नाव पड़ी है, बिच मजधार हूँ मैं,
सहारा दीजिये आकर, की अब लाचार हूँ मैं।
भोले गिरिजा पति हूँ तुम्हारी शरण,
भोले गिरिजा पति हूँ तुम्हारी शरण,
हे कैलाश पति हूँ तुम्हारी शरण….
सुना है आपका जिसने कभी पुकार किया,
तो उसका आपने संकट से है उद्धार किया,
भगत हूँ आपका मैं भी तो ऐ मेरे भोले,
आसरा आपका हमने भी ऐ सरकार किया,
हूँ तुम्हारी शरण, शरण तुम्हारी शरण……..
सदा दरबार में एक भीड़ भक्तो की लगी देखि,
हर एक भगत की झोली आपके दर पे भोले भरी देखि,
कोई लौटा नही खाली, तुम्हारे द्वार पे आके,
निपुत्री बाँझ की हमने यही, गोदी हरी देखि,
यही है प्रार्थना तुमसे मेरी भोले शंकर,
दया की दृष्टि जरा डाल दो भोले मुझ पर,
तुम्हारे द्वार पे झुका दिया है सर ये कह कह कर,
हूँ तुम्हारी शरण, शरण तुम्हारी शरण…..
मैं तो नादान हूँ दुनिया से भी अंजाना हूँ,
पर ये सच है की भोले मैं तेरा दीवाना हूँ,
ठोकरे दुनिया की मेरे भोले मैं बहुत खाया हूँ,
होके लाचार में तेरे दर पे आया हूँ,
हूँ तुम्हारी शरण, शरण तुम्हारी शरण……..
मेरी झोली चरण के धूल से एक बार भर दी जे,
मेहर की एक नजर सरकार लख्खा पे कर दी जे,
सरन देते हो सबको मेरी खातिर क्यों हुई देरी,
तुम्हारे हाथ में है प्रभु अब लाज मेरी,
हूँ तुम्हारी शरण, शरण तुम्हारी शरण…..
तुम जो चाहोगे तो तक़दीर पलट जाएगी,
दुःख संकट सभी एक पल में ही हट जाएगी,
मुझको विश्वास है और दिल में यकीं है मुझको,
छोड़कर आपकी चोखट को अगर जाऊंगा,
अपने चरणों में पड़ा रहने दो मुझको भोले,
गर चरण छूटे तो बेमौत ही मर जाऊंगा,
हूँ तुम्हारी शरण, शरण तुम्हारी शरण…..
तुम्हारे नाम के प्याले को पि रहा हु में,
कृपा से आपकी दुनिया में जी रहा हूँ में,
दया क्र मेरे भोले ये शर्मा की दुहाई है,
मेरी बिगड़ी बना दे तुमने लाखो की बनाई है,
हूँ तुम्हारी शरण, शरण तुम्हारी शरण…..
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