South Direction Vastu Tips, Ghar Ki Dakshin Disha Ka Vastu (घर की दक्षिण दिशा का वास्तु): वास्तु शास्त्र में दिशा को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि कोई भी काम करना हो या घर की सजावट में चीजों का इस्तेमाल करना हो, अगर सही दिशा का ध्यान रखा जाए तो घर में हमेशा बरकत बनी रहती है। हर चीज को लेकर शुभ- अशुभ दिशा तय है। मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण दिशा को अशुभ माना जाता है। वहीं, वास्तु में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो इसी दिशा के लिए ही कारगर साबित होते हैं। अगर आप धन की कमी या कर्ज से सूझ रहे हैं, तो यहां जानिए कुछ असरदार उपायों बारे में।
घर की दक्षिण दिशा में रखें ये चीजें
धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र की माने तो दक्षिण दिशा किसी भी शुभ काम के लिए सही नहीं होती है। अगर इस दिशा में गलत चीजों रख दी जाए तो पूरे घर में तबाही आ सकती है। जानें इस दिशा कौन सी 5 चीजें रखना चाहिए।
- झाड़ू हमेशा घर की दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। सनातन धर्म में झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दक्षिण दिशा में झाड़ू रखने से मां लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहती है और घर-परिवार में कभी धन संकट नहीं आता।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा में भारी चीजें जैसे अलमारी, बेड या तिजोरी आदि रखना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह नहीं होता है, साथ ही परिवार में कलह-क्लेश भी नहीं होते। वास्तु कहता है कि पलंग का सिरहाना दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। इससे दांपत्य जीवन में खुशहाली रहती है।
- सोने-चांदी की चीजें या गहनें और कैश आदि को भी दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार, यह दिशा बचत की होती है और यहां रखी गई चीजें लंबे समय तक स्थिर रहती है।
- वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा पूर्वजों की तस्वीर लगाने के लिए शुभ मानी गई है। यह दिशा यम और पितरों की दिशा होती है। कहा जाता है कि दक्षिण दिशा में पूर्वजों की तस्वीर लगाने से घर-परिवार पर हमेशा का आशीर्वाद बना रहता है।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, जेड प्लांट को दक्षिण दिशा में रखना बहुत शुभ होता है। इससे घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसके अलावा घर के हॉल में दक्षिण दिशा में फिनिक्स चिड़िया की तस्वीर लगाना बेहद शुभ होता है। ऐसा करने से घर के लोगों सेहतमंद बने रहते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)