Vaishakh Amavasya 2026 Pitru Dosh Upay: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान का विधान है। ऐसा करने से व्यक्ति को सभी पापों में मुक्ति मिलती है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। अमावस्या तिथि हर माह में आती है। वैशाख महीने की अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है। इसके अलावा वैशाख अमावस्या के दिन इन अचूक उपायों को करने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है। तो अगर आप पितृ दोष से परेशान हैं तो अमावस्या के दिन इन उपाय को जरूर करें।
पितृ दोष से मुक्ति के लिए वैशाख अमावस्या पर करें ये 5 अचूक उपाय
1. पीपल पेड़ के नीचे जलाएं दीया
वैशाख अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल पेड़ के नीचे सरसों तेल का दीया जलाएं और 'ओम पितृभ्य: नम:' मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।
2. तर्पण
वैशाख अमावस्या के दिन शुभ मुहूर्त में गंगा या अन्य पवित्र नदी में स्नान करें। इसके बाद तांबे के लोटे में कच्चा दूध और काला तिल मिलाकर दक्षिण दिशा में मुंह कर के पितरों को तर्पण दें। पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
3. भोजन कराएं
वैशाख अमवास्या के दिन गाय, कुत्ता, कौआ और चींटियों को भोजन कराएं। साथ ही इन्हें जल भी पिलाएं। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
4. जल का दान
वैशाख माह में गर्मी अधिक रहती है इसलिए इस महीने में जल का दान बहुत अच्छा माना गया है। तो वैशाख अमावस्या के दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंदों को पानी से भरा मिट्टी का घड़ा दान करें। साथ ही मौसमी फल का भी दान करें। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
5. दान करें
वैशाख अमावस्या के दिन गरीब और जरूरतंदों को अन्न, धन, वस्त्र, साबुत उड़द दाल आदि चीजों का दान करें। इन चीजों का दान करने से पूवर्जों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जिस व्यक्ति से पितृ प्रसन्न होते हैं उन्हें कभी पितृ दोष की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती है।
वैशाख अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त
- अमावस्या तिथि- 17 अप्रैल 2026 को 05:21 पी एम तक
- ब्रह्म मुहूर्त 04:49 ए एम से 05:34 ए एम
- 09:50 ए एम से 11:18 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:13 पी एम से 01:03 पी एम
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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