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Kalashtami Upay: धन, सफलता और नजर दोष से सुरक्षा चाहिए, तो वैशाख भैरव अष्टमी पर कर लें ये आसान उपाय, तुरंत मिलेगा परिणाम!

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Apr 08, 2026 08:56 pm IST,  Updated : Apr 08, 2026 08:56 pm IST

Bhairav Ashtami 2026 Upay: वैशाख भैरव अष्टमी का दिन साधना और पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन में बाधाओं को कम करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं। यहां जानिए वैशाख भैरव अष्टमी पर किए जाने वाले कुछ अचूक उपायों के बारे में।

 कालाष्टमी पर करें ये अचूक उपाय- India TV Hindi
कालाष्टमी पर करें ये अचूक उपाय Image Source : INDIA TV

Bhairav Ashtami 2026 Remedies, Kalashtami Ke Upay: कालाष्टमी हिंदू धर्म में भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित एक महत्वपूर्ण तिथि है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है। इस दिन विशेष पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिवता है। इस साल वैशाख माह की भैरव अष्टमी 10 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जा रही है। चलिए जानते हैं इस वैशाख कालाष्टमी पर किए जाने वाले कुछ सरल और असरदार उपायों के बारे में, जो जीवन की बाधाएं कम कर सकते हैं। 

क्यों खास है यह तिथि?

इस बार कालाष्टमी तिथि पर दुर्लभ योग बन रहा है, जिससे पूजा के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है। इस बार कालाष्टमी पर शिव योग और परिघ योग का संयोग बन रहा है। ऐसे में पूजा का प्रभाव सामान्य दिन की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई भैरव पूजा भय, बाधा और नकारात्मकता को दूर करती है। 

कालाष्टमी पर किए जाने वाले सरल और असरदार उपाय

  • इस दिन काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाना शुभ माना गया है, जिससे नजर दोष दूर होता है।
  • भगवान भैरव को उड़द की दाल के पकौड़े, जलेबी या काले तिल का भोग अर्पित करें।
  • मंदिर में दीपदान करें, यह उपाय आपके जीवन और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।
  • मौन व्रत और ध्यान साधना से मन स्थिर रहता है।
  • जरूरतमंद लोगों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार कपड़े और भोजन का दान करें।

नजर दोष से बचाव के गुप्त उपाय

  1. काला धागा: भैरव मंदिर जाकर भारव बाबा की प्रतिमा के पैरों में सिंदूर लगाएं। अब इसे काले धागे पर लगाकर अपने दाएं हाथ की कलाई या गले में पहनें। यह धागा पहनने समय इस मंत्र - "ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं" का जाप करें। यह धागा सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
  2. सरसों तेल का दीपक: अपने घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीपक सरसों तेल में जलाएं। दीपक की लौ से काजल बनाकर बच्चों और घरवालों के कान के पीछे लगाएं। ऐसा करने से नजर दोष जल्दी दूर होता है।
  3. भैरव मंत्र जाप: कालाष्टमी वाले दिन "ॐ कालभैरवाय नम:" मंत्र कम से कम 108 बार जाप करें। जाप के समय एक दीपक जलाएं और भैरव बाबा से सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

भगवान भैरव की पूजा करते समय मन शांत रखें और जल्दबाजी न करें। साफ जगह पर पूजा करें और तामसिक भोजन से दूरी बनाएं। रात के समय साधना अधिक प्रभावशाली मानी जाती है।

काल भैरव का महत्व

काल भैरव भगवान शिव का रौद्र स्वरूप हैं। उनकी पूजा से शत्रु बाधा कम होती है, राहु-केतु दोष में राहत मिलती है। मान्यता है कि भैरव अष्टमी पर उनकी साधना करने से जीवन में जल्दी सकारात्मक बदलाव आते हैं।

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