आजकल फर्नीचर से लेकर सजावट की चीजों तक सेकंड-हैंड सामान खरीदने का चलन बढ़ रहा है। कम कीमत में अच्छी चीज मिल जाना इसका सबसे बड़ा फायदा है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि पुरानी वस्तुओं पर उसके पुराने घर या मालिक की कोई ऊर्जा मौजूद हो सकती है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस्तेमाल की हुई चीज अपने पुराने स्थान की ऊर्जा अपने साथ लाती है। खासकर अगर वस्तु ऐसे माहौल में रही हो, जहां तनाव या नकारात्मकता अधिक रही हो। इसका मतलब यह नहीं है कि सेकंड-हैंड सामान यूज नहीं करना चाहिए। इनके इस्तेमाल से पहले कुछ आसान वास्तु उपाय करके इन्हें शुद्ध किया जा सकता है।
पुरानी चीजों के इस्तेमाल से पहले ऐसे करें शुद्ध
- पुरानी वस्तु को घर में रखने से पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद उस पर थोड़ा गंगाजल छिड़कें। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में गंगाजल को शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है।
- सूर्य की रोशनी को प्राकृतिक शुद्धिकरण का माध्यम माना जाता है। इसलिए संभव हो तो सेकंड-हैंड सामान को कुछ घंटों के लिए खुली धूप में रखें। इससे वस्तु की नमी और दुर्गंध भी कम हो सकती है।
- नमक को नकारात्मक ऊर्जा सोखने वाला माना जाता है। पुराने फर्नीचर या वस्तुओं, जिन्हें पानी से साफ किया जा सकता है, उन्हें नमक मिले पानी से पोंछना एक आसान उपाय है। लकड़ी या इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पानी का इस्तेमाल सावधानी से करें।
- भीमसेनी कपूर और लोबान के धुएं को वातावरण शुद्ध करने वाला माना जाता है। इन्हें जलाकर सेकंड-हैंड वस्तु के आसपास धुआं किया जा सकता है। बंद कमरे में धुआं करने से बचें और पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
- अगर पुराना फर्नीचर लकड़ी का है, तो उसे नया रूप देने के लिए पेंट या पॉलिश करा सकते हैं। वास्तु मान्यता के अनुसार, इससे वस्तु में नई ऊर्जा का संचार होता है और उसका पुराना प्रभाव कम होता है।
- सफाई और शुद्धिकरण के बाद ही पुराने सामान को घर में उसकी स्थायी जगह पर रखें। वास्तु अनुसार, किसी भी पुरानी वस्तु को बिना जांचे-परखे सीधे घर के मुख्य हिस्से में रखने के बजाय उसकी स्थिति और उपयोगिता पर ध्यान देना बेहतर है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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