श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। मंगलवार, शनिवार समेत रामनवमी, हनुमान जन्मोत्सव जैसे खास मौकों पर मंदिर में उनके श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। वहीं, बात करें घर के देवस्थान की तो वास्तु में भी घर में हनुमान जी की तस्वीर रखना शुभ बताया है। घर में हनुमान जी की 5 तस्वीरें लगाना बहुत लाभदायी माना जाता है। चलिए जानते हैं कौन सी फोटो घर में रखना चाहिए और इसके क्या लाभ हैं।
इस दिशा में लगाएं तस्वीर
सबसे पहले जान लेते हैं कि हनुमान जी की फोटो किस दिशा में रखना फायदेमंद होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार हनुमान जी की तस्वीर दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। खासतौर पर लाल रंग में बैठे हुए हनुमान जी का चित्र इस दिशा के लिए उपयुक्त माना जाता है। इससे दक्षिण दिशा से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होने की मान्यता है।
राम भक्ति करते हनुमान
भगवान राम की पूजा या भजन-कीर्तन करते हुए हनुमान जी की तस्वीर घर में लगाना पूरे परिवार के लिए शुभ होता है। मान्यता है कि इससे घर के सदस्यों के बीच प्रेम, आपसी समझ और अपनापन बढ़ता है और वातावरण में सुख-शांति बनी रहती है।
पर्वत उठाए बजरंगबली
हाथ में पर्वत उठाए हुए हनुमान जी का चित्र साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वास्तु अनुसार ऐसी तस्वीर घर में रखने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार होता है। इसे मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा से भी जोड़ा जाता है।
उड़ते हुए हनुमान
आकाश में उड़ते हुए हनुमान जी की तस्वीर को प्रगति और सफलता से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इसे घर में रखने से व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए अवसर बनते हैं और मुश्किल कामों को पूरा करने का आत्मविश्वास मिलता है।
लाल रूप में विराजमान
दक्षिण दिशा में लाल रंग में बैठे हनुमान जी की तस्वीर लगाने की भी विशेष मान्यता है। इसे घर की परेशानियों और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने वाला माना जाता है। साथ ही, ऐसी तस्वीर घर में सुरक्षा और सकारात्मक माहौल बनाए रखने से जोड़ी जाती है।
पंचमुखी हनुमान
वास्तु में मुख्य दरवाजे पर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा लगाना भी शुभ बताया है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं। इस स्वरूप को हनुमान जी का विराट स्वरूप माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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