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16 अगस्त 2026 का पंचांग: रविवार को रखा जाएगा वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

 Written By: Acharya Indu Prakash Edited By: Naveen Khantwal
 Published : Aug 15, 2026 04:09 pm IST,  Updated : Aug 15, 2026 04:09 pm IST

16 अगस्त को श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और रविवार का दिन है। चतुर्थी तिथि शाम 4 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 16 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग।

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आज का पंचांग Image Source : INDIA TV

16 अगस्त को श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और रविवार का दिन है। चतुर्थी तिथि रविवार को शाम 4 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। वहीं पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर में 4 बजकर 8 मिनट तक साध्य योग रहेगा। साथ ही रविवार देर रात 3 बजकर 51 मिनट तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 16 अगस्त को वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत है। तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

16 अगस्त 2026 का पंचांग

  • श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि- 16 अगस्त को 2026 को शाम 4 बजकर 53 मिनट तक
  • साध्य योग- 16 अगस्त को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर मे 4 बजकर 8 मिनट तक
  • हस्त नक्षत्र- 16 अगस्त को देर रात 3 बजकर 51 मिनट तक
  • 16 अगस्त 2026 विशेष- वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत

16 अगस्त 2026 का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:50 ए एम से 05:35 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या - 05:12 ए एम से 06:19 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:17 पी एम से 01:08 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:51 पी एम से 03:42 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:06 पी एम से 07:29 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 07:06 पी एम से 08:14 पी एम
  • अमृत काल - 08:18 पी एम से 09:53 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- शाम 05:21 से शाम 07:00 तक
  • मुंबई- शाम 05:30 से शाम 07:05 तक
  • चंडीगढ़- शाम 05:25 से शाम 07:04 तक
  • लखनऊ- शाम 05:04 से शाम 06:42 तक
  • भोपाल- शाम 05:15 से शाम 06:52 तक
  • कोलकाता- शाम 04:31 से शाम 06:07 तक
  • अहमदाबाद- शाम 05:34 से शाम 07:11 तक
  • चेन्नई- शाम 04:55 से शाम 06:29 तकM

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 05:50 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 07:00 बजे

वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत

आप सभी जानते ही है कि- प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी मनायी जाती है। आज के दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है। हमारी संस्कृति में गणेश जी को प्रथम पूजनीय का दर्जा दिया गया है।किसी भी देवी-देवता की पूजा से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा का ही विधान है। आपको ये भी बता दूं कि- श्री गणेश को चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता माना गया है। साथ ही इन्हें बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। गणेश जी की उपासना शीघ्र फलदायी मानी गयी है और आज के दिन गणेश जी के निमित्त व्रत करने से व्यक्ति की समस्त इच्छाओं की पूर्ति होती है। साथ ही हर तरह के संकटों से छुटकारा मिलता है, ज्ञान की प्राप्ति होती हैऔर धन-संपत्ति में भी बढ़ोतरी होती है। इस दिन जो लोग व्रत नहीं करते उन्हें गणेश जी के मंत्रों का जप करने से लाभ मिल सकता है। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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