वास्तु शास्त्र की मानें तो घर का हर कोना हमारे जीवन पर प्रभाव डालता है। इसलिए वास्तु के नियमों का पालन करके हम अगर सही दिशा में सही वस्तुएं रखते हैं तो जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में क्या चीजें रखने से आपके घर में सुख-शांति आती है, आर्थिक लाभ मिलता है और भाग्य का भी आपको साथ मिलने लगता है।
ईशान कोण में रखें ये चीजें
- ईशान कोण के देवता भगवान शिव हैं वहीं देवगुरु बृहस्पति को इस दिशा का स्वामी ग्रह माना जाता है। ऐसे में अगर आप ईशान कोण में गुरु यंत्र या फिर भगवान शिव की प्रतिमा रखते हैं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। ऐसा करने से आपको करियर और आर्थिक पक्ष में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते है। गुरु ग्रह को संपन्नता का कारक माना जाता है ऐसे में अगर आप गुरु यंत्र ईशान कोण में स्थापित करते हैं तो आपकी तिजोरी पैसों से भर सकती है।
- ईशान कोण में शंख रखना भी अच्छा माना गया है। भगवान विष्णु के प्रतीक शंख को अगर आप ईशान कोण में रखते हैं तो आपको सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि इस दिशा में रखे शंख की आपको पूजा करनी चाहिए और इसे घर के लोगों के अलावा किसी और को नहीं छूने देने चाहिए। इस शंख का इस्तेमाल बजाने के लिए आपको नहीं करना चाहिए।
- कलश को भी आप घर के ईशान कोण में रख सकते हैं। कलश को दैवीय शक्तियों का आह्वान करने का स्रोत माना जाता है। ऐसे में अगर आप घर के ईशान कोण में कलश रखते हैं तो देवी-देवताओं की कृपा आप पर बनी रहती है। इसके साथ ही वास्तु से संबंधित दोष भी दूर होते हैं। ईशान कोण में कलश रखने से आरोग्य की आपको प्राप्ति होती है और साथ ही आर्थिक रूप से भी आप संपन्न होते हैं।
- घर के ईशान कोण में आपको श्रीफल रखने से भी बेहद शुभ फल मिल सकते हैं। श्रीफल को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है ऐसे में अगर आप ईशान कोण में श्रीफल रखते हैं तो धन-धान्य की आपके जीवन में कोई कमी नहीं रहती। श्रीफल के प्रभाव से घर में मौजूद नकारात्मकता भी दूर होने लगती है। श्रीफल रखने से घर का वातावरण भी पवित्र और सात्विक बना रहता है। अगर आप विस्तार से जानना चाहते हैं कि ईशान कोण को शुभ क्यों माना जाता है और इस दिशा में पूजा करना लाभकारी क्यों है तो हमारी वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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