नयी दिल्ली: बारिश के मौसम में कहीं क्रिकेट का मज़ा किकिरा न हो जाए इसके लिए हम शुरु कर रहे हैं HOWZAT सिरीज़ जिसमें हम आपको कराएंगे रुबरु क्रकेट खेल के ऐसे लम्हों से जिसे आप बार बार देखना चाहेंगे।
इसकी पहली कड़ी में पेश है ये 5 ऐसे यादगार पल जो भुलाए नहीं भूले जा सकते।
1983 विश्व कप फाइनल और कपिल देव का कैच
वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ जब कपिल देव के नेतृत्व में भारत 1983 विश्व कप फाइनल में उतरा तो किसी ने भी नहीं सोचा था कि दिग्गजों से लैस वेस्टइंडीज़ के सामने भारत कही टिक भी पाएगा। ये आशंका सही भी साबित होने लगी जब भारत की पारी मात्र 183 पर सिमट गई।
लेकिन तभी मैच ने एक ऐसी करवट बदली की भारतीय क्रिकेट का चेहरा हमेशा के लिए बदल गया। मदनलाल की बॉल को विवियन रिचर्ड्स ने हुक करने की कोशिश की और बाल मिसाईल की तरह हवा में उड़ने लगी। कपिल देव पीछे की तरफ भागे...किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि इसे कैच किया जा सकता है लेकिन कपिल ने असंभव को संभव कर दिखाया।
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