नई दिल्ली: 24 जून बुधवार को शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में हुए तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारत ने बांग्लादेश को 77 रनों से मात देकर अपनी प्रतिष्ठा तो बचा ली लेकिन साख पर बट्टा ज़रुर लग गया। टीम इंडिया बांग्लादेश से पहले दो मैच हारकर सिरीज़ हार गई। ऐसा पहली बार हुआ है जब बांग्लादेश ने भारत को सिरीज़ मे हराया हो।
महेद्रं सिंह धोनी की अगुवाई में टीम ने जिस तरह से तीसरे मैच में खेल के लगभग हर विभाग में प्रदर्शन किया उसे देखकर मन में एक बात आती है कि काश उसने ये दमख़म पहले दो मैचों में दिखाया होता तो सिरीज़ का नतीज़ा कुछ ओर ही होता।
आइये आपको बताते हैं भारतीय टीम की जीत के पांच कारण-
1) पूरा ओवर खेलने का मिला फायदा:
बांग्लादेश के खिलाफ शेर ए बांग्ला स्टेडियम में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारत की जीत का सबसे बड़ा कारण है पूरे 50 ओवर खेलकर में 300 रन पार करना। पहले वनडे में जहां टीम इंडिया 307 का पीछा करती हुई 46 ओवर में 228 रन बनाकर आउट हो गई थी वहीं वर्षा से बाधित दूसरे वनडे में वह पूरे 47 ओवर नहीं खेल पाई और 199 का ही टारगेट दे पाई।
पिछले दो मैचों की अप्रत्याशित हार ने दरअसल टीम इंडिया को नींद से जगा दिया। नींद से जागने के बाद तीसरे वनडे में टीम इंडिया ने बांग्लादेश को गंभीरता से लेते हुए समझदारी से बल्लेबाज़ी की और अंतिम 10 ओवर में 90 रन बनाए जो इसलिए संभव हुआ क्योंकि उसके पास विकेट बचे हुए थे। बांग्लादेश के लिए 317 को पार करना आसान नहीं था और बारतीय गेंदबाज़ों को भी विकेट ख़रीदने का मौक़ा मिला।
भारत की तरफ से धवन, धोनी, रायडू और रैना ने स्तिथी के मुताबिक़ बेहतरीन पारी खेली।