बेंगलुरू: पिछले आठ सत्रों में खिताब के करीब पहुंचने के बावजूद ट्राफी हासिल करने में नाकाम रही विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम रायल चैलेंजर्स बेंगलूर (आरसीबी) इंडियन सुपर लीग के नौवें सत्र में कल यहां सनराइज़र्स हैदराबाद के खिलाफ अपने अभियान की सकारात्मक शुरूआत करना चाहेगी। आरसीबी की टीम को शुरू से ही काफी मजबूत माना जाता रहा है लेकिन 2008 में टूर्नामेंट की शुरूआत से लेकर अब तक वह खिताब नहीं जीत पायी है। इस बीच दो अवसरों 2009 और 2011 में वह खिताब के करीब पहुंची थी लेकिन उसे उपविजेता होकर ही संतोष करना पड़ा था। फे्रंचाइजी के पूर्व चेयरमैन विजय माल्या से जुड़े मैदान से बाहर के विवादों को पीछे छोड़कर आरसीबी कोहली के नेतृत्व में मिथक तोड़ने के लिये प्रतिबद्ध है। कोहली स्वयं अच्छी फार्म में हैं और यह टीम के लिये सकारात्मक संकेत हैं। वर्तमान में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक कोहली ने आईसीसी विश्व टी20 में 273 रन बनाये और उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। कोहली आईपीएल की अपनी फ्रेंचाइजी की तरफ से अपनी इस फार्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। आरसीबी के बल्लेबाजी विभाग में कोहली के अलावा कई अन्य बड़े नाम भी हैं। कोहली, विस्फोटक क्रिस गेल, खतरनाक एबी डिविलियर्स और सदाबहार शेन वाटसन की मौजूदगी में आरसीबी की बल्लेबाजी बेहद मजबूत नजर आती है और अपने दिन पर वह किसी भी तरह के आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकती है।
शैन वॉटसन को क़ाबिलियत करनी होगी साबित
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से हाल में संन्यास लेने वाले वाटसन को आईपीएल की इस साल की नीलामी में सबसे अधिक कीमत में खरीदा गया था और वह अपनी काबिलियत साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे। आरसीबी ने इस आस्ट्रेलियाई आलराउंडर को 9.5 करोड़ रूपये में खरीदा था। आरसीबी जरूरत पड़ने पर ट्रेविस हेड और सरफराज खान की सेवाएं भी ले सकता है जिन्होंने टी20 प्रारूप में अपनी काबिलियत दिखायी है।
टीम से जुड़ने वाले नये खिलाड़ी स्टुअर्ट बिन्नी और मनदीप सिंह भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि अंतिम एकादश में केवल चार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ही रखे जाएंगे। गेंदबाजी विभाग में आरसीबी को अपने मुख्य तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की कमी खलेगी। ऐसे में न्यूजीलैंड के एडम मिल्ने आस्ट्रेलिया के केन रिचर्डसन के साथ मिलकर आक्रमण की कमान संभाल सकते हैं जिसमें उनका साथ देने के लिये हर्षल पटेल, श्रीनाथ अरविंद और वरूण आरोन होंगे। आरसीबी को पहले कुछ मैचों में वेस्टइंडीज के लेग स्पिनर सैमुअल बद्री की कमी भी खलेगी जो विश्व टी20 के दौरान कंधे में लगी चोट से उबर रहे हैं। बद्री की अनुपस्थिति में आरसीबी को यजुवेंद्र चाहल पर पूरा भरोसा दिखाना होगा जिन्होंने पिछले दो सत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया था। चाहल ने 2014 में 14 और 2015 में 15 विकेट लिये थे।
सनराइजर्स को नाकामी को भुलाकर करनी होगी नये सिरे से शुरूआत
जहां तक सनराइजर्स हैदराबाद की बात है तो उसने 2013 में पदार्पण करने के बाद अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया है। अब उसकी टीम पिछली नाकामी को भुलाकर नये सिरे से शुरूआत करने की कोशिश करेगी।
सनराइजर्स की टीम युवराज सिंह, कप्तान डेविड वार्नर और आशीष नेहरा के अनुभव का फायदा उठाने की कोशिश करेगी। हैदराबाद की टीम को हालांकि युवराज की सेवाओं से वंचित रहना पड़ सकता है क्योंकि बायें हाथ का यह बल्लेबाज चोटिल है। इसके अलावा सनराइजर्स का प्रदर्शन इयोन मोर्गन, केन विलियमसन और ट्रेंट बोल्ट पर निर्भर करेगा जो अपने दम पर मैच जीतने में सक्षम हैं। नेहरा ने विश्व टी20 में भारत की तरफ से प्रभावशाली प्रदर्शन किया था और वह बोल्ट और भुवनेश्वर कुमार के साथ सनराइजर्स के गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी कर्ण शर्मा तथा कामचलाउ स्पिनरों दीपक हुड्डा, बिपुल शर्मा, तिरूमालसेटी सुमन और युवराज पर रहेगी। विकेटकीपर नमन ओझा विकेट के आगे और विकेट के पीछे अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। उन्हें विकेटकीपिंग विभाग में हालांकि आदित्य तारे की कड़ी चुनौती मिलेगी। कागजों पर भले ही सनराइजर्स की टीम आरसीबी की तरह मजबूत नहीं दिख रही है लेकिन उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो उसकी जरूरतों पर खरे उतर सकते हैं।