मुंबई में BEST कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने 18 जून से आंदोलन शुरू किया था और 19 जून से हड़ताल की चेतावनी दी थी। ऐसे में प्रशासन ने महाराष्ट्र आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (MESMA) लागू कर कर्मचारियों के छुट्टी लेने पर या हड़ताल करने पर रोक लगा दी। प्रशासन का कहना है कि मुंबईकरों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, हड़ताल रात से ही शुरू हो चुकी है और सुबह मुंबई की सड़कों पर BEST की बसें नजर नहीं आ रही हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो बस सेवा और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। BEST संयुक्त कामगार कृती समिति ने वेतन वृद्धि, पेंशन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान, कर्मचारियों की भर्ती, पदोन्नति और BEST के बजट को बीएमसी बजट में विलय करने जैसी मांगें उठाई हैं। साथ ही ठेका प्रणाली समाप्त कर BEST की स्वामित्व वाली 5,000 बसें शामिल करने की मांग भी की गई है।
शांति बनाए रखने की अपील
हड़ताल जारी रहती है तो मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे लाखों यात्रियों और उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि महाराष्ट्र अति आवश्यक सेवा अधिनियम- 2023 के तहत संगठनों द्वारा आयोजित हड़ताल को अवैध घोषित किया गया है। मुंबई पुलिस ने आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
प्रशासन का आदेश
प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि बृहन्मुंबई शहर एवं उपनगरों में बेस्ट की बस सेवा को निरंतर जारी रखना तथा मुंबई शहर की विद्युत आपूर्ति को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। बेस्ट उपक्रम द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में आती हैं। इसलिए प्रशासन ने श्रमिक संगठनों द्वारा हड़ताल की पृष्ठभूमि में "महाराष्ट्र अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 2023 (MESMA)" के अंतर्गत दिनांक 12/06/2026 की अधिसूचना के अनुसार महाराष्ट्र सरकार द्वारा बेस्ट उपक्रम के स्थायी एवं संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने पर कानूनी प्रतिबंध लगाया है तथा उक्त हड़ताल को अवैध घोषित किया गया है।
बसों को नुकसान पहुंचाया तो होगा एक्शन
मुंबई पुलिस ने कहा कि आंदोलनकारियों से अपील की जाती है कि वे बेस्ट उपक्रम की बसों एवं प्रतिष्ठानों को कोई नुकसान न पहुंचाएं तथा इच्छुक कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाने से न रोकें। यदि उक्त अवैध कृत्य किए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुंबई पुलिस द्वारा उचित एवं कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसकी सभी संबंधितों द्वारा संज्ञान लिया जाए।
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