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'बेताब थे ट्रंप, मुझे भरोसा दिलाया था कि ...', अमेरिका-ईरान डील पर खामेनेई का बड़ा बयान, Trump ने क्या कहा?

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jun 19, 2026 06:45 am IST,  Updated : Jun 19, 2026 07:24 am IST

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध थम चुका है और दोनों देशों ने शांति प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस डील को लेकर ईरान के सुप्रीम लीडर ने बड़ी बात कही है। जानें डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा है?

ट्रंप और खामेनेई - India TV Hindi
ट्रंप और खामेनेई Image Source : PTI

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव खत्म करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के एक दिन बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नेता समझौते के लिए "बेताब" थे और इसे हासिल करने के लिए उन्होंने "हर तरह के हथकंडे" अपनाए। अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के मसौदे पर हस्ताक्षर होने के बाद अपने पहले बयान में, मुजतबा ने गुरुवार को ईरानी लोगों से कहा कि शुरू में उन्होंने "सिद्धांत के तौर पर" इस ​​समझौते का विरोध किया था, लेकिन बाद में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्यों से यह भरोसा मिलने के बाद उन्होंने इसे मंज़ूरी दे दी कि देश और "रेज़िस्टेंस फ्रंट" के हितों की रक्षा की जाएगी।


क्या कहा है ईरान के सुप्रीम लीडर ने?
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि शुरू में उन्हें ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए समझौते को लेकर कुछ शंकाएं थीं, लेकिन ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और वरिष्ठ अधिकारियों से यह भरोसा मिलने के बाद कि तेहरान के हितों की रक्षा की जाएगी, उन्होंने आखिरकार इसे मंज़ूरी दे दी। समझौते के बारे में बात करते हुए, मोजतबा खामेनेई ने कहा कि वाशिंगटन के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर उनकी "राय अलग" थी, लेकिन ईरानी राष्ट्रपति की ओर से किए गए वादों के बाद उन्होंने इसे मंज़ूरी देने का फ़ैसला किया।

ईरान को 300 अरब डॉलर का कोई पेमेंट नहीं, ट्रंप ने क्यों कहा
अमेरिका शांति के लिए प्रतिबद्ध है, और हम मध्य पूर्व क्षेत्र में सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे हमारी बातचीत को अच्छी तरह से आगे बढ़ने देने के अपने वादे पर कायम रहें। बाज़ार इस बात से खुश हैं कि तेल की कीमतें बहुत कम हो गई हैं और स्टॉक की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। हम लेबनान, हिज़्बुल्लाह और इज़राइल सहित सभी मोर्चों पर पूरी तरह से युद्धविराम की उम्मीद करते हैं। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद! ट्रंप ने कहा, अमेरिका की तरफ़ से ईरान को 300 अरब डॉलर का कोई पेमेंट नहीं किया जा रहा है। यह फ़ेक न्यूज़ है! अमेरिका के लिए तो बस कामयाबी, तेल की कम कीमतें और जीत ही है। स्टॉक मार्केट देखिए। यह डेमोक्रेट्स का प्रोपेगैंडा है!!! 

ट्रंप के दूत ने सांसदों को क्या बताया?
ट्रंप के दूत स्टीव विटकोफ ने अमेरिकी सांसदों को एक प्राइवेट ब्रीफिंग में बताया कि ईरान अपनी परमाणु साइटों की जांच के लिए UN की परमाणु निगरानी एजेंसी को बुलाएगा और तेहरान के संवर्धित (enriched) मटीरियल वाली जगहों की पहचान करने और उनका पता लगाने का काम शुरू करेगा। इस बातचीत की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' (AP) को नाम न बताने की शर्त पर इस बंद कमरे में हुई बातचीत की जानकारी दी।

कोई 'साइड डील' शामिल नहीं थी-विटकॉफ
विटकोफ ने गुरुवार को कांग्रेस के नेताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कमेटियों के सदस्यों को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते (MOU) में कोई 'साइड डील' शामिल नहीं थी, लेकिन तेहरान और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के बीच एक 'साइड लेटर' तैयार किया गया था जिसमें यह निमंत्रण दिया गया था। जानकारी देने वाले लोगों के मुताबिक, विटकोफ ने ब्रीफिंग में उस लेटर और निमंत्रण के बारे में बताया। विटकोफ ने कहा कि IAEA के डायरेक्टर-जनरल राफेल मारियानो ग्रोसी को भेजे गए इस लेटर से उन्हें अमेरिकी परमाणु निरीक्षकों को तेहरान लाने में मदद मिलेगी। 

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