राजकोट: महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने क्रिकेट की दुनियां वो तमाम मुकाम हासिल किए हैं जिसका सपना हर क्रिकेटर देखता है लेकिन फिर भी गावस्कर को एक बात का मलाल है और इसकी भरपाई के लिए वह एक बार फिर जन्म लेना चाहते हैं।
यहां इंग्लैंड और भारत के बीच पांच टेस्ट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच खेला जा रहा है और तीसरे दिन चाय तक भारत ने इंग्लैंड की पहली पारी के 537 के जवाब में सिर्फ़ एक विकेट खोकर 228 रन बना लिए हैं। क्रीज़ पर ओपनर मुरली विजय 86 और पुजारा 99 रन बनाकर खेल रहे हैं। दर्शकों को उम्मीद थी कि टी के पहले ही पुजारा अपना शतक पूरा कर लेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इस बीच कमेंट्री बॉक्स में गावस्कर और आकाश चोपड़ा क़यास लगा रहे थे कि पुजारा चाय के पहले सेंचुरी बनाा पाएंगे अथवा नही। आकाश ने कहा कि अगर पुजारा की जगह सहवाग होते तो वो छक्का लगाकर शतक पूरा कर लेते। इस पर गावस्कर ने कहा कि उनकी हसरत ही रह गई कि वह छक्का लगाकर सेंचुरी बनाए।
गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के एक दौरे के ज़िक्र करते हुए बताया कि सेंचुरी के करीब पहुंचने पर उन्होंने छक्का लगाने की कोशिश की थी लेकिन बॉल एक टप्पा खाकर सीमा पार कर गई। उनकी सेंचुरी तो बन गई लेकिन छक्के से नहीं चौक्के से। गावस्कर ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल रहेगा और ये हसरत वो अगले जन्म में ज़रुर पूरी करेंगे।
गावस्कर ने 125 टेस्ट मैचों में 10122 रन बनाए हैं जिसमें 34 शतक शामिल हैं। उन्होंने 1971 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ अपना पहला टेस्ट खेला था। उनका आख़िरी टेस्ट 1987 में पाकिस्तान के विरुद्ध था।