मोहाली: ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर शैन वॉटसन ने जब कुछ दिन पहले कहा कि टी20 विश्व कप में भारत को भारत में हराना बेहद मुश्किल है तो लगा है कि वो माइंड गेम खेल रहे हैं, लेकिन फिर जब रिकॉर्ड्स पर नज़र दौड़ाई तो लगा कि वॉटसन की बात में कुछ तो सच्चाई है। दरअसल ये बात सिर्फ वॉटसन ने ही नहीं कही है, वीरेंद्र सहवाग और टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री का भी ऐसा ही मानना है।
सलामी बल्लेबाजी अब नहीं रही कंगारूओं की ताकत:
खेल के शार्ट फ़ॉर्मेट (वन डे, टी20) में ऑस्ट्रेलिया की ताक़त रही है उसकी तूफ़ानी शुरुआत। पहले मैथ्यू हैडन और एडम गिलक्रिस्ट अपनी टीम को ऐसी शुरुआत दिलवाते थे कि विरोधी टीम के हौसले ही पस्त हो जाते थे। इनके बाद ये भूमिका डेविड वार्नर निबाने लगे लेकिन हैरानी की बात है कि मैच पर अपना प्रभाव डालने वाले वार्नर ने अभी तक पारी की शुरुआत नहीं की है।
इस लिहाज़ से देखें तो ऑस्ट्रेलिया बैटिंग ऑर्डर को लेकर बहुत कंफ़्यूज़्ड है। उसे समझ में ही नही आ रहा कि पारी की शुरुआत किससे करवाई जाए। पहले मैच में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ और दूसरे मैच में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ उस्मान ख़्वाजा के साथ वॉटसन ने शुरुआत की थी, लेकिन दोनों ही पारियों में वॉटसन कुछ ख़ास नहीं कर पाए। उन्होंने 13 और 21 रन बनाए थे। छह नंबर पर बैटिंग करने आए डेविड वार्नर महज़ 6 और 17 रन बना पाए, हालांकि ख़्वाजा ने ज़रुर 38 और 58 रन की तेज़ पारियां खेली।
टी20 में शुरुआत काफ़ी मायने रखती है बल्कि एक तरह से मैच का नतीजा ही तय कर देती है। शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ख़्वाजा के साथ फ़िंच को उतारने का प्रयोग किया जो विफल रहा। इस मैच में भी वॉर्नर को पीछे बेजा गया और वो फिर फ़्लॉप हो गए।
वॉर्नर भले ही कुछ समय से रन न बना पा रहे हों लेकिन उन्हें पारी की शुरुआत करता देख अच्छे से अच्छे बॉलर के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन कप्तान स्टीव स्मिथ को उन पर भरोसा नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया के पास नहीं हैं मैच विनर गेंदबाज:
बॉलिंग विभाग में भी अब ऑस्ट्रेलिया के पास ब्रेट ली या मैक्ग्रा की तरह के बॉलर नही हैं। उसके प्रमुख बॉलर कोल्टर नायल महंगे साबित हो रहे हैं और फ़ॉकनर और मिशल मार्श बस ख़ानापूर्ती कर रहे हैं। हां जंपा ज़रुर प्रभावित कर रहे हैं लेकिन वो अकेले अपनी दम पर मैच नहीं जितवा सकते।
एक तरफ जहां ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग लाइन अप बिखरी हुई है वहीं दूसरी तरफ टीम इंडिया की सटीक, मारक और घातक गेंदबाज़ी ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर दर्द साबित हो सकती है। बूमरा और नेहरा जहां नयी बॉल से बल्लेबाज़ों को चका रहे हैं और टीम को ब्रेकथ्रू दिलवा रहे हैं वहीं अश्विन, जडेजा और पंड्या बीच में विरोधी टीम की नाक में दम किए हुए हैं।
तो ऐसे में कहना सही होगा कि ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले ही हार मान ली है और शायद यही वजह है कि वॉटसन को कहना पड़ा है कि भारत को हराना बेहद मुश्किल है। वैसे रवि शास्त्री ने भी चेतावनी दी है कि टीम इंडिया ने अभी अपनी क्षमता का सिर्फ 60 प्रतिशत ही इस्तेमाल किया है।
देखें: PHOTO: टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टीम इंडिया ने कसी कमर