भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन का फाइनल मुकाबला कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर की टीम के बीच में हुबली के स्टेडियम में खेला गया। इस खिताबी मैच में पूरी तरह से जम्मू-कश्मीर की टीम का बल्लेबाजी और गेंदबाजी में दबदबा देखने को मिला, जिसमें उन्होंने पहली बारी में मिली बढ़त के आधार पर जीत हासिल करते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी को अपने नाम किया है। जम्मू-कश्मीर टीम की इस ऐतिहासिक जीत में 29 साल के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने अहम भूमिका निभाई जिनका टूर्नामेंट में गेंद से काफी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
आकिब नबी ने जीता प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड
जम्मू-कश्मीर टीम के 29 साल के तेज गेंदबाज आकिब नबी के प्रदर्शन को लेकर पूरे सीजन के दौरान चर्चा लगातार देखने को मिल रही थी, जिसमें उन्होंने कुल 10 मुकाबलों में खेलते हुए 12.57 के औसत से 60 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान वह 7 बार एक पारी में पांच विकेट हॉल लेने में कामयाब रहे, जिसमें फाइनल मैच में कर्नाटक के खिलाफ भी उनकी पहली पारी में आकिब ने 5 विकेट हासिल किए थे। आकिब को रणजी ट्ऱॉफी 2025-26 के सीजन में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी मिला। वहीं आकिब नबी रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सिर्फ तीसरे ऐसे तेज गेंदबाज बन गए हैं जो एक सीजन में 60 या उससे अधिक विकेट लेने में कामयाब हो सके हैं।
मुझे यकीन नहीं हो रहा कि हमने रणजी ट्रॉफी जीती है
आकिब नबी को जब जम्मू-कश्मीर के रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन का खिताब जीतने के बाद प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड दिया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि हमने रणजी ट्रॉफी जीती है। अभी भी यह असली नहीं लग रहा कि हमने इसे जीत लिया है। जब मैंने J&K के लिए खेलना शुरू किया, तो मेरा सपना हमेशा से एक ट्रॉफी जीतना था, वह भी खासकर रेड-बॉल क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी। बहुत मेहनत और बहुत संघर्ष करना पड़ा। पूरी टीम ने मिलकर काम किया और आखिरकार हमने यह कप जीत लिया। मेरा प्लान हमेशा सिंपल होता है, चाहे कोई भी मैच हो। मैं हर गेम में अपना बेस्ट देने की कोशिश करता हूं। जब भी टीम को किसी चीज की जरूरत होती है, तो मैं अपना पूरा एफर्ट लगाने की कोशिश करता हूं क्योंकि हर मैच हमारे लिए इंपॉर्टेंट होता है। सभी ने मुझे बहुत सपोर्ट किया है। इस सफर में उनके सपोर्ट के बिना, मैं आज यहां नहीं होता। मैं उन्हें दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं जम्मू और कश्मीर के लोगों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। भले ही आपके पास सुविधाएं ना हों और रिसोर्स कम हों आपको सिर्फ बस कड़ी मेहनत करनी है और किसी भी चीज के बारे में नहीं सोचना है।
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