T20 World Cup 2024: रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम अब टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने के काफी करीब पहुंच चुकी है। ये जो आखिरी स्टेज है, यही सबसे अहम होती है, क्योंकि इससे पहले भी कई बार टीम इंडिया यहीं पर आकर फिसलती रही है। भारत अगर अपने दो लगातार मैच जीतने में कामयाब होता है तो सालों से चला आ रहा आईसीसी खिताब का सूखा खत्म हो जाएगा। आज भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भिड़ना है और अगर जीत मिली तो फिर फाइनल में साउथ अफ्रीका से आमना सामना होगा। इस बीच भारत के लिए पहला क्रिकेट विश्व कप जीतने वाले कप्तान कपिल देव ने टीम इंडिया को मैच जीतने की शुभकामनाएं तो दी ही हैं, साथ ही कुछ ऐसे मंत्र भी दिए हैं, जिन पर अगर रोहित शर्मा अमल करें तो जीत दर्ज करना कुछ आसान हो जाएगा।
कपिल देव ने कहा कि व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि क्या रोहित शर्मा की टीम वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप जीतकर अपने एक दशक से अधिक समय से विश्व कप ट्रॉफी के सूखे को समाप्त कर पाएगी या नहीं। कपिल देव ने पीटीआई-वीडियो को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा कि हम केवल रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या या कुलदीप यादव के बारे में ही क्यों बात करें? हर किसी को भूमिका निभानी है। उनका काम टूर्नामेंट जीतना है। कपिल देव बोले कि एक मैच जीतने के लिए किसी एक खिलाड़ी का प्रदर्शन मायने रख सकता है, लेकिन टूर्नामेंट के लिए सभी को एकजुटता के साथ काम करना होगा।
कपिल देव ने कहा कि अगर हम जसप्रीत बुमराह या अर्शदीप सिंह पर ही निर्भर रहेंगे, तो हमारे लिए जीत दर्ज करना मुश्किल होगा। बोले कि हमें टीम के बारे में बात करनी चाहिए। यह आपको किसी एक खिलाड़ी के बजाय बेहतर परिप्रेक्ष्य देता है। विश्व कप जीतने के लिए हर किसी को योगदान देना होगा। कपिल ने बताया कि 1983 विश्व कप विजेता टीम में वह प्रदर्शन करने वाले अकेले खिलाड़ी नहीं थे। रोजर बिन्नी, मोहिंदर अमरनाथ, कीर्ति आजाद, यशपाल शर्मा सभी ने मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया था। आप अगर एक खिलाड़ी पर निर्भर रहना शुरू कर देते हैं तो इसका मतलब है कि आप अधिक बार टूर्नामेंट नहीं जीत पाएंगे।
भारतीय टीम अब तक आईसीसी के 5 खिताब अपने नाम करने में कामयाब रही है। पहली बार साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने विश्व कप अपने नाम किया था। इसके बाद साल 2007 में एमएस धोनी की कप्तानी में टी20 विश्व कप का भी खिताब जीता। साल 2011 में फिर से वनडे वर्ल्ड कप भारत का कब्जा रहा और साल 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती। आखिरी दोनों बार भी धोनी की कप्तान रहे हैं। इस बीच भारत ने सौरव गांगुली की कप्तानी में साल 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती। हालांकि तब भारत ज्वाइंट विनर बना था। इसके बाद भारत के पास कई मौके आए कि खिताब जीता जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस बार रोहित शर्मा की टीम जरूर पिछली कुछ गलतियां से सीखकर टूर्नामेंट में उतरी होगी। देखना होगा कि भारतीय टीम बचे हुए मैचों में किस तरह का प्रदर्शन करने में कामयाब होती है।
(pti inputs)
यह भी पढ़ें
पिच की किचकिच: टी20 वर्ल्ड कप 2024 में फिर खड़ा हुआ बवाल, जीत के बाद भी खुश नहीं हैं एडन मारक्रम
T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल का सबसे खूंखार खिलाड़ी, हर मुकाबले में जड़े है 50 रन
संपादक की पसंद