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IPL 2020 MI vs DC : मुंबई और दिल्ली की ये 3 बड़ी कमजोरियां, जो रोक सकती है फ़ाइनल का रास्ता

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Nov 05, 2020 12:06 pm IST,  Updated : Nov 05, 2020 12:06 pm IST

मुंबई और दिल्ली की टीमें आईपीएल के 2020 सीजन में प्लेऑफ की दहलीज तक जरूर आ पहुंची हैं, मगर अभी भी इन दोनों टीमों में कुछ कमजोरी हैं जिस पर दोनों टीमें मजबूती से तैयारी करके क्वालीफायर 1 में उतरेंगी।

MI vs DC: These 3 major weaknesses of Mumbai and Delhi, which can stop the way of final- India TV Hindi
MI vs DC: These 3 major weaknesses of Mumbai and Delhi, which can stop the way of final Image Source : IPLT20.COM

दुनिया की सबसे बड़ी टी20 इंडियन प्रीमीयर लीग (आईपीएल) अब अपने अंतिम पडाव पर है। लीग स्टेज के खत्म होने के बाद टॉप 4 टीमें अब प्लेऑफ के मुकाबले खेलेंगी, जिसमें शानदार प्रदर्शन कर दो टीमें फ़ाइनल में जगह बनाएगी। इस तरह प्लेऑफ का मंच तैयार हो चुका है और 5 नवंबर को पहले क्वालीफायार में अंकतालिका में मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। ऐसे में प्लेऑफ तक जहां मुंबई ने अपने लीग के 14 मैचों में 9 जीत हासिल की हैं वहीं दिल्ली ने 8 जीत हासिल की है। 

इस तरह दोनों टीमें आईपीएल के 2020 सीजन में प्लेऑफ की दहलीज तक जरूर आ पहुंची हैं। मगर अभी भी इन दोनों टीमों में कुछ कमजोरी हैं जिस पर दोनों टीमें मजबूती से तैयारी करके क्वालीफायर 1 में उतरेंगी। ऐसे में आपको बताते हैं किन-किन चीजों को ध्यान में रखकर मुंबई और दिल्ली की टीमों को अहम मुकाबले में मैदान मारकर फ़ाइनल में करना होगा सीधे प्रवेश।

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मुंबई इंडियंस की कमजोरी 

1.) मुंबई इंडियंस के लिए उनकी स्पिन गेंदबाजी टूर्नामेंट की शुरुआत से ही कमजोरी बनी हुई हैं। उनके पास युवा लेग स्पिन गेंदबाज राहुल चाहर के अलावा और कोई भी दमदार स्पिन गेंदबाज हैं। राहुल चाहर जिस मैच में शानदार गेंदबाजी करते हैं उस मैच में मुंबई मजबूत नजर आती है मगर जिस दिन उनकी गेंदबाजी नहीं चलती है। उस समय टीम के लिए काफी मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। चाहर ने अभी तक लीग स्टेज के 14 मैचों में 15 विकेट लिए हैं। जबकि उनके साथ स्पिन गेंदबाजी करने वाले कृणाल पांड्या 14 मैचों में सिर्फ 5 विकेट लेने में कामयाब हो पाए हैं। इस तरह अगर दिल्ली मुंबई के तेज गेंदबाजों का सामना कर लेती है तो उसके बाद वो स्पिन गेंदबाजी की कमजोरी का फायदा उठाकर बड़ा स्कोर कर सकती है। 

2.) हार्दिक पांड्या पिछले 2 मैचों से टीम की प्लेइंग इलेवन से बाहर हैं। ऐसे में अटकलें आ रही है कि हार्दिक पांड्या फिट नहीं है। इस तरह हार्दिक अगर फिट नहीं है और वो प्लेऑफ के मैच में भी नहीं खेलते हैं तो मुंबई को इससे एक बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि हार्दिक के चोटिल होने के बारे में कुछ भी आधिकारिक तौर पर खबर नहीं आई है। ऐसे में अगर वो नहीं खेलते हैं तो दिल्ली को काफी फायदा हो सकता है। 

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3.) मुंबई इंडियंस के लिए टॉप आर्डर में कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म और उनकी फिटनेस भी एक चिंता का सबब बनी हुई है। रोहित के नाम अभी तक आईपीएल 2020 के 10 मैचों में 264 रन निकले हैं। जबकि 4 मैचों में बेंच पर बैठने के बाद उन्होंने पिछले मैच में वापसी की और सिर्फ 4 रन ही बना पाए। इस तरह रोहित का पूरे तरफ से फिट न होना और फर्म में ना होना भी दिल्ली के लिए एक सकरात्मक पहलु बन सकता है। 

दिल्ली कैपिटल्स की कमजोरी 

1.) दिल्ली के भी स्पिन गेंदबाजी में देखा जाए तो थोड़ी कमी दिखाई देती है। क्योंकि उनके प्रमुख स्पिन गेंदबाज अमित मिश्र चोटिल होने के कारण आईपीएल के 2020 सीजन से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में आर. अश्विन के उपर जिम्मेदारी बढ़ गई हैं। हालांकि अक्षर पटेल ने भी शानदार गेंदबाजी की है। मगर मुंबई इस एक कमी का भी फायदा उठा सकती है। 

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2.) दूसरे सबसे बड़ी समस्या दिल्ली के लिए युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ बने हुए हैं। लगातार अपनी एक ही कमजोरी बल्ले और पैड के बीच गैप के कारण पृथ्वी का शो इस आईपीएल में फ्लॉप जा रहा है। जिसके चलते वो टीम से अंदर और बाहर भी हुए हैं। पृथ्वी के बल्ले से आईपीएल में अभी तक 12 मैचों में सिर्फ 228 रन ही निकले हैं। ऐसे में मुंबई दिल्ली की कमजोर ओपनिंग जोड़ी पर एक बार फिर प्रहार करना चाहेगी।

3.) अंत में मध्यक्रम में रिषभ पंत का बल्ला भी दिल्ली के लिए गले की फांस जैसा बना हुआ है। पंत के बल्ले से भी एक बार सीजन में कोई यादगार पारी नहीं निकली है। उन्होंने भी अपने स्तर से नीचे स्तर की बल्लेबाजी की है। जिसके चलते दिल्ली का मध्यक्रम कमजोर नजर आ रहा है। पंत के बल्ले से अभी तक आईपीएल के 2002 सीजन के 11 मैचों में 31.33 की औसत से 282 रन ही निकले है। जबकि उन्होंने सिर्फ 38 रनों की सर्वोच्च पारी खेली है। इस तरह दिल्ली के लिए पंत भी एक कमजोर कड़ी बने हुए हैं।

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