इबाराकी (जापान): भारतीय गोल्फ खिलाड़ी अर्जुन अटवाल अगले सप्ताह होने वाले एशिया-प्रशांत मित्सुबिशी डायमंड कप में बेहतर प्रदर्शन को लेकर आत्मविश्वास से लबरेज हैं। अटवाल ने चार वर्षो के खिताबी सूखे को खत्म करते हुए पिछले वर्ष दिसंबर में दुबई ओपन खिताब हासिल किया। हालांकि इस वर्ष अब तक वह कुछ खास नहीं कर सके हैं। बाराकुडा चैम्पियनशिप और विंधाम चैम्पियनशिप में वह हाफवे कट में जगह बनाने से चूक गए।
एशियन टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट के 2001 के विजेता अटवाल को हालांकि आगामी डायमंड कप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने को लेकर पूरा भरोसा है। अटवाल ने कहा, "पिछले वर्ष दुबई ओपन खिताब जीतना अन्य खिताबी जीतों से कहीं अच्छा रहा, क्योंकि यह जीत लंबे अरसे के बाद आई। मैं फिर से खेलने या प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेने के बारे में नहीं सोच रहा था। खासकर मेरी पीठ और नितंब में लगी चोट के कारण मैं ठीक से चल भी नहीं पा रहा था।"
अटवाल ने साथ ही यह भी कहा कि कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए यदि इस वर्ष का खिताब कोई एशियाई खिलाड़ी जीते। अटवाल ने कहा, "निश्चित तौर पर एशियन टूर में हर साल सुधार हो रहा है। एशियन टूर का कोई खिलाड़ी पहले शायद ही यूरोपीयन टूर में जीत हासिल कर पाता था। लेकिन अब एशियन टूर का कोई खिलाड़ी नहीं जीतता है तो आश्चर्य होता है। सभी जानते हैं कि हमारे खिलाड़ियों में से कोई कभी भी विजेता बन सकता है।"
अटवाल के अलावा डायमंड कप में भारत की ओर से एस. एस. पी. चौरसिया भी हिस्सा लेंगे।