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डेनमार्क के खिलाफ फीफा विश्व कप में वापसी को यादगार बनाना चाहेगा पेरू

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jun 16, 2018 12:42 pm IST,  Updated : Jun 16, 2018 12:42 pm IST

पेरू की टीम 36 साल के बाच फीफा विश्व कप में वापसी कर रही है।

पेरू की फुटबॉल टीम- India TV Hindi
पेरू की फुटबॉल टीम

फीफा विश्व कप में 36 साल बाद वापसी कर रहा पेरू शनिवार को ग्रुप सी के अपने पहले मुकाबले में यूरोपीय देश डेनमार्क को हराकर टूर्नामेंट के 21वें संस्करण की सकारात्मक शुरुआत करना चाहेगा। मोडरेविया एरीना में देनों देशों के बीच फुटबॉल का यह पहला मुकाबला होगा। पेरू ने आखिरी बार 1982 में हुए विश्व कप में हिस्सा लिया था और इतने वर्षों बाद एक बार फिर वह इस टूर्नामेंट के अहम पलों को जीने के लिए तैयार है। कोनमेबोल में किसी तरह जद्दोजहद करते हुए पांचवां स्थान हासिल करने के बाद पेरू ने विश्व कप क्वालीफायर के प्लेऑफ में न्यूजीलैंड को हराकर मुख्य टूर्नामेंट में 36 साल बाद प्रवेश किया। यह पल पेरू के लिए जश्न का पल रहा।

पेरू के लिए सबसे खुशी की बात उसके स्टार खिलाड़ी कप्तान पाउलो गुएरेरो का टीम में दोबरा शामिल होना है। प्रतिबंधित दवा के सेवन के आरोप के कारण गुएरेरो को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उन्हें वापस टीम में शामिल कर लिया गया। वह राष्ट्रीय टीम के इतिहास में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। टीम के अटैक की जिम्मेदारी फारवर्ड जेफरसन फारफान के कंधों पर होगी, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए प्लेऑफ के मैच में गोल दागकर टीम को विश्व कप में प्रवेश हासिल करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, एडिसन फ्लोरेस और क्रिस्टियन कुएवा भी टीम के लिए अहम खिलाड़ी हैं।

दूसरी ओर, वर्ष 1998 में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाली डेनमार्क इंग्लिश क्लब टोटेनहम हॉटस्पर से खेलने वाले स्टार मिडफील्डर क्रिस्टियन एरिक्सन के दम पर टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करना चाहेगी। कप्तान सिमोन काएर के नेतृत्व वाली डेनमार्क ने पिछले साल नवंबर में आयरलैंड को 5-1 से हराकर विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है। कोच ओगे हेराइड की टीम के पास कैस्पर श्माइकल जैसा गोलकीपर तो वहीं आंद्रेस क्रिस्टेंसन जैसा डिफेंडर है जो आसानी से गेंद को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं। इसके अलावा थोमस डेलने और विलियम क्वीस्त भी छह फुट लंबे खिलाड़ी हैं जिसका फायदा टीम को मिल सकता है। मिडफील्ड में विपक्षी टीमों को एरिक्सन के लंबे शॉट से बचकर रहना होगा। 

टीम: 

डेनमार्क: गोलकीपर- कैस्पर श्माइकल, जोनास लोस्सल, फेडेरिक रोनबो 

डिफेंडर- सिमोन काएर, आंद्रेस क्रिस्टेनसन, माथियास जोर्गेनसन, जानिक वेस्टरगार्ड, हेनरिक डाल्सगार्ड, जेंस स्ट्रेगर लार्सेन, जोनास नु़डसेन

मिडफील्डर: विलियम क्विस्ट, थोमस डेलाने, लुकास लेरागर, लासे शोने, क्रिस्टियन एरिकसन, मिशेल क्रोन-डेली

स्ट्राइकर: पियोने सिस्टो, मार्टिन ब्राथवैट, आंद्रेस कोर्निलियुस, विक्टर फिश्चेर, युसुफ पोल्सन, निकोलाई जोर्गेनसन, कास्पर डोलबर्ग। 

पेरू: गोलकीपर : पेद्रो गालेसे, कार्लोस सासेडा और जोस कार्वालो।

डिफेंडर: एल्डो कोजरे, लुइस एडविनाकुला, मिगुएल अराजुओ, एल्बटरे रोड्रिगेज, क्रिस्टियन रामोस, एंडरसन सेंटामारिया, निल्सन लोयोला, मिगुएल ट्राउको।

मिडफील्डर: रेनाटो टापिया, प्रेडो एक्विनो, योशिमार योतुन, एडिसन फ्लोरेस, पाउलो हुर्तादो, विल्डर काटार्गेना, क्रिस्टन कुएवा, एंडी पोलो।

फॉरवर्ड: आंद्रे कारिलो, जेफरसन फारफान, राउल रुइडियाज, पाउलो गुएरेरो।

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