पूरी दुनिया में तेजी से फैलते कोरोना वायरस के कारण सब कुछ ठप्प सा पड़ गया है। इसी बीच सभी खेल गतिविधियों को भी एक सिरे से स्थगित कर दिया गया है। जिसके चलते खेल जगत में सन्नाटा सा पसर गया है। इतना ही नहीं अब टोक्यो ओलंपिक पर भी खतरा मंडराने लगा है जिससे फैंस परेशान हैं।
फैंस की सबसे बड़ी परेशानी कि वजह टिकट कि रकम वापसी बन गई है। वहां के क्षेत्रीय अखबारों में टिकट वापसी को लेकर छपी रिपोर्ट में दावा किया जा रहा कि अगर ओलंपिक रद होता है तो टिकट वापसी नहीं होगी। यानी जिन लोगों ने लाखों रुपये देकर टिकट खरीदा है, उनके पैसे कोरोना वायरस के चलते डूब सकते हैं।
गौतलब है कि ओलंपिक 2020 के लिए पिछले साल जापान ने लॉटरी के जरिए टिकट बिक्री शुरु की थी। इसके जरिए कुल 30 लाख टिकट बेचे गए थे। इसमें हर कैटेगरी के टिकट शामिल थे। जिसमें कुल सस्ते तो कुछ महंगे थे। सबसे महंगी टिकट 43 लाख रुपये की थी। इसमें टोक्यो ओलंपिक ऑर्गेनाइजर्स ने स्थानीय निवासियों के लिए एक हाई एंड हॉस्पिटैलिटी पैकेज की व्यवस्था की है, इस पैकेज में दर्शक को ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी देखने का मौका मिलेगा।
इतना ही नहीं नौ दिनों तक ट्रैक और फील्ड गेम्स भी देख सकते हैं। यहां आपको बैठने के लिए लग्जरी सीट मिलेगी और लंच की भी सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि आयेजनकर्ताओं ने एक छोटा पैकेज भी उपलब्ध कराया है जिसकी कीमत 1500 डॉलर यानी एक लाख रुपये है। मगर अब कोरोना के चलते फैंस का सारा पैसा पानी में भी जा सकता है।
बुधवार को जापान के लोकल न्यूजपेपर आशाही शिमबुन ने खबर छापी कि, अगर ओलंपिक किसी भी वजह से रद होता है तो टिकट वापस नहीं किया जाएगा। हालांकि इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग इसकी चर्चा करने लगे हैं। एक शख्स ने लिखा, 'क्या, रिफंड नहीं होगा। कहीं आप मजाक तो नहीं कर रहे।' वहीं एक अन्य यूजर लिखते हैं, 'मैंने अपने 70 हजार रुपये को गुडबॉय कह दिया है।' हालांकि इस रिपोर्ट में कितनी सच्चाई है यह देखना जरूरी है क्योंकि टिकट वापस न होने को लेकर ओलंपिक कमेटी की तरफ से कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बता दें की ओलंपिक खेलों का आयोजन इस साल 24 जुलाई से 9 अगस्त के बीच जापान के टोक्यो शहर में किया जाना है। मगर कोरोना वायरस के कारण इससे पहले होने वाली सभी खेल गतिविधियों को स्थगित कर दिया है। जिसके बाद अब ओलंपिक खेलों को लेकर भी इसे रद्द करने कि मांग बढ़ने लगी है।