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WFI ने की बड़ी कार्रवाई, 11 रेसलर को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में किया सस्पेंड

 Written By: Abhishek Pandey
 Published : Aug 07, 2025 08:33 pm IST,  Updated : Aug 07, 2025 10:46 pm IST

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से 7 अगस्त को बड़ी कार्रवाई की गई जिसमें 11 रेसलर को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र देने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। WFI ने 100 से ज्यादा सर्टिफिकेट की जांच के बाद ये कदम उठाया।

Wrestling- India TV Hindi
रेसलिंग Image Source : GETTY

भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI की तरफ से 7 अगस्त को 11 पहलवानों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया जिसमें उन्हें फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जमा करने के मामले में निलंबित कर दिया गया। पिछले काफी समय से भारतीय कुश्ती में कई रेसलर की उम्र को लेकर शिकायतें दर्ज हो रही थी, जिसके बाद दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने 110 सर्टिफिकेट की जांच की जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कोई चूक नहीं हुई क्योंकि 95 पंजीकरण जो विलंबित थे एमसीडी के आदेश पर किए गए थे। एक तरफ जहां कई पहलवान अपनी उम्र को कम दिखा रहे हैं तो वहीं दूसरे राज्य से खेलने के लिए वह फर्जी निवास स्थान का सर्टिफिकेट भी बनवा रहे हैं।

11 रेसलर के बर्थ सर्टिफिकेट मिले फर्जी

WFI ने बर्थ सर्टिफिकेट मामले में गड़बड़ी की आशंका के चलते नगर निगम से इसके सत्यापन का फैसला लिया था, जिसके बाद 110 में से 11 रेसलर के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। WFI की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार कई पहलवान मूल रूप से हरियाणा के थे लेकिन फिर भी उन्होंने किसी तरह एमसीडी बर्थ सर्टिफिकेट हासिल कर लिया जिससे वह दिल्ली से होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सके। समाचार एजेंसी पीटीआई में आए एमसीडी के बयान में उन्होंने बताया कि 11 प्रमाण पत्र ऐसे हैं जो फर्जी है जिनको फोटोशॉप के जरिए छेड़छाड़ किया गया है और उसमें कुछ बदलाव भी किया गया है और इसे एमसीडी की तरफ से जारी नहीं किया गया है।

एमसीडी ने जारी किए फर्जी नाम

दिल्ली नगर निगम ने जो 11 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामलों का उजागर किया है उसमें उन्होंने नामों का भी खुलासा कर दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार MCD की तरफ से जारी किए गए नामों में फर्जी प्रमाण पत्र में सक्षम, मनुज, कविता, अंशू, आरुष राणा, शुभम, गौतम, जगरूप धनकड़, नकुल, दुष्यन्त और सिद्धार्थ बालियान के नाम से थे। कुछ मामलों में प्रमाण पत्र बच्चे के जन्म के 12 से 15 साल बाद भी जारी किए गए हैं।

(PTI INPUTS)

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