AI Impact Summit में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी कंपनी के रोबोटिक डॉग के प्रदर्शन करने पर आईटी सेक्रेटरी एस कृष्णन ने एग्जीबिटर्स को सख्त निर्देश दिए हैं। आईटी सेक्रेटरी एस कृष्णन ने कहा कि एग्जिबिटर्स को उन आइटम का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए, जो उनका नहीं है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीन में बने रोबोटिग डॉग को चल रहे एआई समिट में प्रदर्शित किया था, जिसे लेकर भारी किरकिरी का सामना करना पड़ा है।
क्या है गलगोटिया यूनिवर्सिटी रोबोटिक डॉग विवाद?
रोबोटिक डॉग के प्रदर्शन को लेकर हुए विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पेवेलियन की बिजली काट दी गई और उन्हें पेवेलियन खाली करने का भी आदेश जारी किया गया है। ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीन में बने रोबोटिक डॉग को एग्जीबिशन में प्रदर्शन करने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर किरकिरी की गई। नेटिजन्स ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के साथ-साथ आयोजकों को भी निशाने पर लिया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित किए गया रोबोटिक डॉग चीनी कंपनी द्वारा बनाया गया Unitree Go 2 है।
एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर नेहा सिंह ने इसे Orion रोबोटिक डॉग बताया था। प्रोफेसर ऑफ कम्युनिकेशन ने दावा किया था कि इस डॉग को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस डिपार्टमेंट ने बनाया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद चीनी कंपनी ने इसे Unitree Go 2 रोबोटिक डॉग बताया था। इसके बाद यह विवाद बढ़ गया और गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एआई समिट के पेवेलियन से जाने का आदेश दिया गया।
यूनिवर्सिटी ने दी सफाई
हालांकि, इस मामले में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट जारी करके कहा कि यूनिवर्सिटी के फैकल्टी और छात्र यूनिवर्सिटी के खिलाफ फैलाए जाने वाले प्रोपोगैंडा कैंपेने से आहत हैं। यूनिवर्सिटी ने बताया कि रोबोटिक प्रोग्रामिंग उनके यूनिवर्सिटी का हिस्सा है और छात्र एआई प्रोग्रामिंग सीख रहे हैं और रीयल वर्ल्ड स्किल को डिप्लॉय कर रहे हैं।
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