India Mobile Congress (IMC) 2026 के 10वें संस्करण की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 7 अक्टूबर से लेकर 10 अक्टूबर के बीच चलने वाले इस ग्लोबल इवेंट की शुरुआत की है। इवेंट में हिस्सा लेने आए ग्लोबल सिस्टम मोबाइल कम्युनिकेशन एसोसिएशन (GSMA) के बोर्ड मेंबर्स ने सेवा तीर्थ के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस साल IMC का मुख्य उदेश्य भविष्य की टेक्नोलॉजी और उससे जुड़े सुरक्षा को लेकर है।
पीएम मोदी कल करेंगे विधिवत उद्घाटन
पीएम मोदी 8 अक्टूबर यानी कल इंडिया मोबाइल कांग्रेस का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का आयोजन दूरसंचार विभाग (DoT) और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के द्वारा नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जा रहा है। इसमें टेलीकॉम ऑपरेटर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियां, स्टार्ट-अप, पॉलिसी मेकर्स और ग्लोबल इंडस्ट्री के लीडर्स एक मंच पर साथ आते हैं।
IMC के 10वें संस्करण में 6G, AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी पर फोकस किया जा रहा है। इस साल आयोजित होने वाले इवेंट में फ्यूचर की टेक्नोलॉजी जैसे कि एआई और मशीन लर्निंग के साथ-साथ रोबोटिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर ग्लोबल लीडर्स चर्चा करेंगे।
6G पर मुख्य फोकस
पिछले साल आयोजित हुए IMC 2025 की तरह ही इस बार भी 6G मुख्य चर्चा में है। भारत में 6G की संभावनाओं को लेकर ग्लोबल लीडर्स चर्चा करेंगे। भारत 6G की रेस में दुनिया के विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। सरकार 6G इंफ्रास्ट्रक्चर और इसकी टेस्टिंग के लिए अनुकुल इकोसिस्टम पर फोकस कर रही है। यही नहीं, इसमें AI और मशीन लर्निंग के इकोसिस्टम को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
GSMA बोर्ड मेंबर्स की पीएम मोदी से मुलाकात
ग्लोबल मोबाइल कम्युनिकेशन एसोसिएशन के बोर्ड मेंबर्स ने कल यानी 6 अक्टूबर को पीएम मोदी के साथ मुलाकात की है। GSMA बोर्ड मेंबर्स की अगुवाई केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कर रहे थे। इस दौरान पीएम मोदी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को लेकर कहा कि इसकी वजह से ही आज विकसित देश विकसित हुए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई नेताओं के साथ DPI पर हुई बातचीत से इसकी बढ़ती वैश्विक अहमियत का पता चला है और ऐसे प्लेटफॉर्म 'ग्लोबल साउथ' के देशों के लिए एक स्प्रिंगबोर्ड का काम कर सकते हैं।
टेलीकॉम सेक्टर के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन अहम
आने वाले कुछ सालों में सैटेलाइट कम्युनिकेशन भी अहम भूमिका निभाएगा, खासकर उन इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने वाली टेक्नोलॉजी के मामले में, जहाँ पारंपरिक टेरेस्ट्रियल नेटवर्क की पहुँच नहीं है। टेलीकॉम इंडस्ट्री इस समय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए मॉडल तलाश रही है, और इस दौरान 'डायरेक्ट-टू-डिवाइस' और 'नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क' टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हो रही है।
साइबर फ्रॉड बड़ी चुनौती
इस साल आयोजित हो रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस में साइबर सिक्योरिटी के बढ़ रहे खतरे को लेकर भी चर्चा की जाएगी। पीएम मोदी ने GSMA बोर्ड मेंबर्स से मुलाकात के दौरान डिजिटल वर्ल्ड के लिए साइबर फ्रॉड को बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए टेक्नोलॉजी बेस्ड सॉल्युशन की जरूरत है। फ्रॉड कॉल को लेकर लोगों को जागरूक करना चाहिए। यही नहीं, तेजी से विकसित हो रही टेक्नोलॉजी के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड और कॉमन नियम होना चाहिए। उन्होंने डीपफेक और एआई जेनरेटेड फर्जी कंटेंट को फैलने से रोकने के लिए और लोगों को जागरूक करने पर फोकस करने के लिए कहा है।
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