Meta ने VIP अकाउंट्स में बदलाव को लेकर नया नियम जारी कर दिया है। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी ने कुछ दिनों पहले पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से अस्थायी तौर से हटा दिया था, जिसके बाद सरकार ने कंपनी के इंडिया हेड को तलब किया था। पीएम मोदी ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर Gen Z को संबोधित करते हुए ये वीडिया जारी किया था। मेटा ने IT मंत्रालय को इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी किया था और सरकार से माफी मांगी थी।
सरकार को दिए स्पष्टीकरण के बाद कंपनी ने अब VIP यानी मशहूर हस्तियों के अकाउंट्स को हैंडल करने के लिए नए नियम की घोषणा की है। मेटा ने IT मंत्रालय को दिए अपने स्पष्टीकरण में कहा था कि प्रधानमंत्री समेत मशहूर हस्तियों की तरफ से किए गए पोस्ट और कंटेंट की अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। इन कंटेंट की समीक्षा वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर की जाएगी।
VIP अकाउंट्स के लिए मेटा के नए नियम
- मेटा ने बताया कि VIP अकाउंट्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट को केवल AI के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। इनका मैनुअली इवैल्यूशन किया जाएगा।
- किसी भी वीआईपी के पोस्ट को हटाने या रिस्ट्रिक्ट करने से पहले कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर उसकी समीक्षा की जाएगी।
- नए नियम के तहत मशहूर हस्तियों के अकाउंट्स से किसी भी पोस्ट को हटाने या रिस्ट्रिक्ट करने से पहले दो वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी अनिवार्य होगी।
- कंपनी ने माना कि AI द्वारा ऑपरेट होने वाले ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से पीएम मोदी का वीडियो डिलीट हो गया था। ऐसे में VIP के पोस्ट को 'रिंगफेंस' करना अनिवार्य है। मेटा ने इसके लिए अतिरिक्त सिक्योरिटी फिल्टर जोड़े हैं।
वीडियो डिलीट होने की बताई वजह
पीएम मोदी के Gen Z को वीडियो द्वारा किए गए संबोधन के डिलीट होने के बाद आईटी मंत्रालय ने Meta को तलब किया था। मेटा की तरफ से सरकार को बताया गया कि AI के ऑटोमैटेड कंटेंड मॉडरेशन टूल की वजह से यह गलती हुई थी। इसके लिए मेटा अतिरिक्त निगरानी करेगा। मेटा ने अपने स्पष्टीकरण में साफ किया था कि VIP और मशहूर हस्तियों के पोस्ट को बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी के अप्रूवल के नहीं हटाया जाएगा।
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