Highlights
- विदेशों में बनने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स और पावर इनवर्टर पर ट्रंप सरकार ने अप्रत्यक्ष बैन लगा दिया है।
- सरकार का यह फैसला देश की आंतरिक सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी के खतरों को लेकर लिया गया है।
- वहीं, सरकार अब विदेशी AI मॉड्लस पर भी बैन लगाने की तैयारी कर रही है।
अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने चीन से इंपोर्ट किए जाने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स पर अप्रत्यक्ष तौर पर बैन लगा दिया है। इन रोबोट्स को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। ट्रंप सरकार ने चीनी रोबोट और पावर इन्वर्टर के इंपोर्ट को रोकने के लिए कई कड़े फैसले लिए हैं। सरकार का कहना है कि ये डिवाइसेज देश की साइबर सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं। इस प्रतिबंध का फायदा अमेरिका में AI टेक्नोलॉजी के विकास की वजह से होने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों पर लगाम लगाया जा सकेगा और स्वदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित करने में बढ़ावा मिलेगा।
क्यों है सुरक्षा के लिए खतरा?
अमेरिकी सर्टिफिकेशन एजेंसी फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन (FCC) ने ह्यूमनॉइड रोबोट पर बैन लगाते हुए कहा है कि ये डिवाइस सप्लाई चेन में ऐसी कमजोरियां पैदा कर सकते हैं, जिसकी वजह से अमेरिका की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यह देश की साइबर सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा है। FCC लगातार अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए काम करता रहेगा।
अमेरिका में चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट की बिक्री पर लगे बैन का सबसे बड़ा असर Unitree पर पड़ने वाला है। इस चीनी कंपनी द्वारा बनाए गए ह्यूमनॉइड रोबोट की अमेरिका में पिछले कुछ समय में बिक्री काफी तेजी से बढ़ी है। खास तौर पर अमेरिकी यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थानों में इसका बड़े पैमाने पर यूज हो रहा है। ये वही कंपनी है जिसके रोबोटिक डॉग को अपना बताकर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की AI Summit 2026 के दौरान पूरी दुनिया में किरकिरी हुई थी।
किन चीजों पर लगा है बैन?
FCC ने विदेश से इंपोर्ट किए जाने वाले एडवांस रोबोट (जो इंसानों की तरह दिखते हैं और जिनमें चार पैर होते हैं) और पावर इनवर्टर शामिल हैं। FCC ने इन प्रोडक्ट्स को कवर्ड लिस्ट में जोड़ा है। इस लिस्ट में वो प्रोडक्ट्स और सर्विसेज जोड़े जाते हैं, जिन्हें अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।
वहीं, इन रोबोट्स पर पाबंदी नहीं लगाई गई है जो बने तो विदेशों में हैं लेकिन उनके 65% पार्ट्स अमेरिकी कंपनियों ने बनाए हैं। उनके लिए कंपनियों को लाइसेंस की जरूरत होगी। हालांकि, सरकार ने प्रत्यक्ष तौर पर ह्यूमनॉइड रोबोट्स और इनवर्टर पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन ट्रंप सरकार ने चीनी कंपनियों को लाइसेंस नहीं देने की तैयारी पूरी कर ली है।
क्या AI पर भी लगेगा बैन?
अमेरिकी सरकार ह्यूमनॉइड रोबोट्स के अलावा चीनी ओपन-वेट AI मॉडल्स को लेकर भी सख्त है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप सरकार फिलहाल दो चीनी एआई मॉडल्स Kimi K3 और GLM 5.2 पर बैन लगाने की तैयारी में है। सरकार के इस फैसले की वजह चीनी कंपनियों के प्रोडक्ट्स को घरों मे इस्तेमाल होने देने से रोकना है। अमेरिका के बाद यूरोपीयन देश और भारत में भी चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स को लेकर पॉलिसी बनाई जा सकती है।
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