पाकिस्तानी संसद में गोहर अली खान ने अपनी ही सरकार की बजट नीतियों को लेकर सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई। विकसित देश हेल्थ और एजुकेशन पर निवेश में इजाफा कर रहे हैं, तबकि पाकिस्तान में बुनियादी सेक्टर में ही कटौती हो रही है।
पाकिस्तान में लगभग 45 प्रतिशत आबादी गरीबी में रहती है, जबकि 16.5 प्रतिशत लोग अत्यधिक गरीबी में रहते हैं।
भारत ने पाकिस्तान को फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में डालने के लिए वैश्विक समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। जून 2025 की बैठक में पाकिस्तान द्वारा आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के मुद्दे को भारत प्रमुखता से उठाएगा।
सीजफायर होने के बावजूद सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने से पाकिस्तान पर इसका असर देखने को मिलेगा। उसकी इकोनॉमी सीधे-सीधे प्रभावित होगी।
पाकिस्तान स्टेट बैंक के आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान का ग्रॉस पब्लिक डेट उसके जीडीपी का 67.5 प्रतिशत है।
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, 2024 में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच करीब 7.3 बिलियन डॉलर का वस्तु व्यापार हुआ था। पाकिस्तान को अमेरिकी निर्यात 2.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 4.4% ज्यादा है, जबकि पाकिस्तान से कुल आयात 5.1 बिलियन डॉलर रहा, जो 2023 की तुलना में 4.9% ज्यादा है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने नकदी संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान के आर्थिक परिदृश्य को संशोधित करते हुए वर्ष 2025 में उसकी आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर तीन प्रतिशत कर दिया है।
पाकिस्तान की कंगाली तो आपने देख ही ली है, अब चीन की बदहाली का दौर महसूस कीजिए। चीनी वित्त मंत्री के अनुसार कोविड काल से ही बीजिंग की अर्थव्यवस्था सुस्त चल रही है। अब नए सुधारों पर फोकस किया जा रहा है।
अहमद ने कहा कि 10, 50, 100, 500, 1000 और 5000 रुपये के मूल्यवर्ग में नए डिजाइन वाले बैंक नोट दिसंबर में जारी किए जाएंगे। एक सूत्र ने कहा, “पुराने नोट पांच साल तक प्रचलन में रहेंगे और केंद्रीय बैंक उन्हें बाजार से हटा देगा।”
शरीफ ने कहा कि सरकार का काम कारोबार करना नहीं है, बल्कि व्यापार और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस फैसले पर अमल करने के लिए सभी मंत्रालयों को जरूरी कदम उठाने और निजीकरण आयोग के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया।
पाकिस्तान की आर्थिक हालत खराब है। महंगाई ने आम लोगों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग की परेशानियों में इजाफा कर दिया है। इस बीच व्यापारी वर्ग के लोगों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बड़ी मांग कर दी है।
पाकिस्तान कंगाली से बाहर नहीं आ पा रहा है। लोगों को खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं। महंगाई आसमान छू रही है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अब भारत की पंचवर्षीय योजना की नकल करके देश के हालात को सुधारने का प्रण किया है।
पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान के लिए अब एक और बुरी खबर है, भारत ने रावी नदी का पानी रोक दिया है। पाकिस्तान में जल संकट की समस्या हो सकती है। क्या है पूरा मामला, जानिए-
पाकिस्तान में कारों की बिक्री लगातार घटती जा रही है। पिछले महीने नवंबर में पाकिस्तान में सिर्फ 5000 कारें भी नहीं बिक पाईं। जबकि भारत में हर घंटे 500 कारों की बिक्री हुई है।
आईएमएफ ने नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर 2023 में 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। आईएमएफ का हालिया वृद्धि अनुमान चालू वर्ष के लिए सरकार के 3.5 प्रतिशत के वृद्धि दर के लक्ष्य से कम है। हालांकि, यह विश्व बैंक और मनीला स्थित एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के हालिया अनुमान से काफी अधिक है।
पाकिस्तान की कुल विदेशी मुद्रा भंडार फिलहाल 12.6 अरब डॉलर है। खुदरा महंगाई मौजूदा साल में जुलाई से सितंबर के बीच 29 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
पाकिस्तान के खुफिया ब्यूरो की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे पिछले कुछ सालों में माफिया की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को अरबों रुपये का नुकसान पहुंचा है।
पाकिस्तान की इकोनॉमी पहले से ही रसातल में पहुंच गई है। कर्ज लेकर जैसे तैसे देश को चलाया जा रहा है। इसके बावजूद पाकिस्तान के 'आर्थिक माफिया' पेट्रोल और खाने की चीजों की कालाबाजारी कर अपने देश को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पीएम मोदी जब कुछ तय करते हैं तो इसका असर पूरी इंटरनेशनल पॉलिटिक्स पर पड़ता है, लेकिन पाकिस्तान के लिए मोदी ने ऐसा क्या तय कर दिया कि पाकिस्तान की अवाम शहबाज, मरियम और इमरान को किनारे करके मोदी पर ही आंखे टिकाए बैठी है.
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार से पत्रकार शाहिद कुरैशी ने आईएमएफ सौदे को लेकर कुछ चुभते हुए सवाल पूछ लिए जिसके बाद उन्होंने आपा खो दिया।
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