लखनऊ: यूपी चुनाव से पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बड़ा दांव खेला है। इसके तहत समाजवादी पार्टी अब लाल के साथ नीले रंग में भी नजर आएगी। समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता की टीशर्ट का रंग अब बदल गया है। अब समाजवादी छात्रसभा लाल की जगह नीली टीशर्ट में नजर आएगी। टीशर्ट में साइकिल के साथ बाबा साहब की फोटो भी है।
इससे पहले हाल में ही अखिलेश यादव भी नीला गमछा डाले नजर आये थे। गौरतलब है कि नीले रंग को दलितों और मायावती से जोड़कर देखा जाता है। बसपा का झंडा भी नीला हैं और चुनाव चिन्ह भी नीला है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव का ये कदम दलितों को रिझाने के लिए है।
यूपी में 21 फीसदी हैं दलित वोट
बता दें कि यूपी में 21 फीसदी दलित वोट हैं। यूपी में मायावती की ताकत लगातार कम हो रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने 37 सीटें जीती थीं। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव नीले रंग के ज़रिए ज़ेन ज़ी दलित वोट को अपनी तरफ करने की कोशिश में हैं।
हाल ही में इस बयान की वजह से चर्चा में थे अखिलेश
हाल ही में अखिलेश यादव इसलिए चर्चा में थे, जब उन्होंने PDA का नया फुलफॉर्म बताया था। उन्होंने P से प्रोटेस्ट, D से डेमोंस्ट्रेशन और A से एक्टिविस्ट कहा था। अखिलेश ने कहा था कि प्रोटेस्ट करने वाले लोग, डेमोंस्ट्रेशन करने वाले लोग और एक्टिविस्ट लोग जो अपनी बात रखना चाहते हैं, वो PDA में हैं।
इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर भी हमला बोला था और कहा था कि हम लोगों ने 5 हजार साल से समस्या झेली है। बाबासाहब भीमराव अंबेडकर ने कुछ हद तक इसे सामान्य करने की कोशिश जरूर की है। बीजेपी की तरफ से बहुत से नैरेटिव गढ़े जाएंगे, इन सारे नैरेटिव से हम सब लोगों को सावधान रहना है। इससे पहले अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह आरक्षण खत्म करना चाहती है।
बता दें कि यूपी में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में अखिलेश यादव वोट बैंक को साधने में जुट गए हैं और उनकी नई कोशिश दलितों को लुभाने के लिए मानी जा रही है।
इससे पहले CM योगी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा था और 2017 के पहले वाले उत्तर प्रदेश की याद दिलाई थी।
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