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ब्लू टी-शर्ट और जींस के साथ लाल टोपी, समाजवादी छात्र सभा का नया ड्रेस कोड, 2027 चुनाव से क्या है कनेक्शन?

 Reported By: Ruchi Kumar,  Written By: Niraj Kumar
 Published : Sep 08, 2026 04:44 pm IST,  Updated : Sep 08, 2026 05:13 pm IST

समाजवादी छात्र सभा का ड्रेस कोड अब बदल गया है। लाल टीशर्ट और सफेद पैंट की जगह अब ब्लू कलर ने ले ली है। अखिलेश यादव ने कहा कि ब्लू ड्रेस युवाओं का रंग है। आइये जानने की कोशिश करते हैं कि इस बदलाव का 2027 से क्या कनेक्शन है?

Akhilesh yadav, Samajwadi party- India TV Hindi
अखिलेश यादव Image Source : X@SAMAJWADIPARTY

लखनऊ: विधानसभा चुनाव से पहले सूबे में सियासी पारा चढ़ने लगा है। लोकसभा चुनाव 2024 में प्रदेश में मिले जनमत से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कंफिडेंस हाई है। इस बीच उन्होंने एक नया दांव चलते हुए समाजवादी छात्र सभा कार्यक्रताओं के लिए नया ड्रेस कोड लागू कर दिया। समाजवादी पार्टी ऑफिस में आज छात्र सभा के कार्यकर्ता ब्लू टीशर्ट ,ब्लू जींस और लाल टोपी में नज़र आए।

ब्लू कलर नई पीढ़ी का रंग

दरअसल, अखिलेश यादव ने छात्र सभा की बैठक बुलाई थी जिसमे सभी ब्लू टीशर्ट और ब्लू जींस में नज़र आये।  अभी तक समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता लाल टीशर्ट और सफेद पैंट पहनते थे। अखिलेश यादव ने इस बदलाव का तर्क दिया और कहा कि नीला रंग युवाओं का रंग है, नई पीढ़ी का रंग है, बहुजन समाज का रंग है, अन्याय के खिलाफ लड़ाई का रंग है। इससे पहले अखिलेश यादव भी नीला गमछा लिए हुए नजर आए थे।

बदलाव की वजह क्या है? 

अब सवाल यह है कि इस बदलाव की वजह क्या है? अखिलेश लाल और सफेद कलर को छोड़कर ब्लू ड्रेस कोड पर क्यों आए? दरअसल, ब्लू रंग (नीले रंग) को बाबा साहब अंबेडकर और दलितों से जोड़कर देखा जाता रहा। बहुजन समाज पार्टी की पहचान भी नीले रंग से है, पार्टी का झंडा भी नीला है और चुनाव चिन्ह भी।

2027 चुनाव से क्या है कनेक्शन?

प्रदेश में 2027 के शुरुआती महीनों में विधानसभा चुनाव है। समाजवादी छात्र सभा के ड्रोस कोड में बदलाव को इसी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है की नीले रंग के ज़रिए अखिलेश युवा और दलित वोट को अपनी तरफ़ करने की कोशिश में हैं। अखिलेश यादव ने आज छात्र सभा के कार्यकर्ताओं को अगले दो महीने कालेज और यूनिवर्सिटी में जाकर छात्रों से संपर्क करने को कहा। यूपी में 2027 के चुनाव में करीब पैंतीस लाख फर्स्ट टाइम वोटर और करीब दो करोड़ जेन जी वोटर होंगे। एक सर्वे के मुताबिक 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को ग़ैर जाटव दलित वोट करीब 56 फीसदी और जाटव वोट करीब 25 फीसदी मिला था। अब बड़ा सवाल है कि क्या सिर्फ ब्लू (नीला) रंग अखिलेश को युवाओं और दलितों का वोट दिला पाएगा ?

अब पीडीए का नया मतलब बताया

अखिलेश यादव इस मौके पर भी समाजवादी पार्टी के पीडीए समीकरण का उल्लेख करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि पीडीए का मतलब-प्रेम,दया और अपनापन भी होता है। पहले इस समीकरण को समाजवादी पार्टी ने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक से जोड़ा था। हाल में उन्होंने पी को पंडितों से भी जोड़ा। अपने संबोधन में  उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं को विदेश भी भेजेंगे वहां के कॉलेज दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि नीला रंग बहुजन समाज के साथ रहा, बाबा साहब के साथ रहा है। अखिलेश ने कहा कि ब्लू कलर में उम्र भी कम दिखती है। 

इससे पहले अखिलेश यादव ने कल  बीजेपी सरकार पर विकास परियोजनाओं, बाढ़ और कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर निशाना साधा था। अखिलेश ने कहा कि सरकार विकास के नाम पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट तो बना रही है, लेकिन जमीनी हालात खराब हैं। राम वन गमन पथ को लेकर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि 'हाइवे इसलिए बना रहे हैं कि इनकी जेब भर जाए।' 

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