1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. प्रेग्नेंट होने पर बॉयफ्रेंड ने कराया अबॉर्शन, डॉक्टर ने छात्रा का गर्भाशय ही निकाल दिया, अब कभी नहीं बन सकेगी मां

प्रेग्नेंट होने पर बॉयफ्रेंड ने कराया अबॉर्शन, डॉक्टर ने छात्रा का गर्भाशय ही निकाल दिया, अब कभी नहीं बन सकेगी मां

 Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Jun 27, 2024 11:52 am IST,  Updated : Jun 27, 2024 11:52 am IST

बीए फाइनल ईयर की छात्रा का गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा है। जब उसे पता चला कि वो 5 महीने की प्रेग्नेंट है तो उसके बॉयफ्रेंड ने फरीदपुर के डी के अस्पताल में अबॉर्शन करवाया। लेकिन इस दौरान डॉक्टरों ने उसका गर्भाशय ही निकाल दिया।

abortion- India TV Hindi
डीके अस्पताल में करवाया गया छात्रा का अबॉर्शन Image Source : INDIA TV

उत्तर प्रदेश के बरेली में डॉक्टरों की लापरवाही ने एक छात्रा की जिंदगी हमेशा हमेशा के लिए नरक बना दी। छात्रा के अबॉर्शन के दौरान डॉक्टरों ने उसका गर्भाशय निकाल दिया, जिससे छात्रा की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद छात्रा के परिवार वालों ने उसे दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां वह आईसीयू में एडमिट है।

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल, फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही है। उसका गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा है। जब छात्रा को पता चला कि वो 5 महीने की प्रेग्नेंट है तो उसके बॉयफ्रेंड ने फरीदपुर के डी के अस्पताल में अबॉर्शन करवाया। लेकिन इस दौरान डॉक्टरों ने उसका गर्भाशय ही निकाल दिया जिससे वह अब कभी मां नहीं बन पाएगी। वहीं, छात्रा की हालत बिगड़ने पर इसकी सूचना जब छात्रा के परिजनों को लगी तो वह उसे दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे। लड़की के पिता ने इस मामले में गांव के ही युवक के खिलाफ अपहरण और कोल्ड ड्रिंक में नशा देकर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया है।

योग शिविर में जाने की बात कहकर घर से निकली थी छात्रा

21 जून को विद्यालय में योग शिविर में जाने की बात कहकर छात्रा घर से निकली थी। उसी रात पौने 9 बजे फरीदपुर के डीके अस्पताल से किसी ने कॉल करके बेटी से पिता की बात कराई। छात्रा के पिता उसकी मां के साथ अस्पताल में पहुंचे और बेटी को गांव ले गए। हालत गंभीर होने पर 22 जून को उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ है।

जब मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को लगी तो आईजी डॉक्टर राकेश सिंह डीके अस्पताल पहुंचे। इस दौरान पता चला कि डीके अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने डीके अस्पताल के आठ लोगों को हिरासत में ले लिया है, जबकि छात्रा का बॉयफ्रेंड अभी भी फरार है।

डॉक्टर समेत 8 लोग को हिरासत में

वहीं, इस मामले में एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि फतेहगंज पूर्वी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जिस अस्पताल में छात्रा का इलाज हुआ वो फर्जी तरीके से चल रहा था। अस्पताल के डॉक्टर समेत 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। विवचना में दो लोगो के नाम सामने आए है। मुख्य आरोपी अभी फरार है।

(रिपोर्ट- अनूप मिश्रा)

यह भी पढ़ें-

'पत्नी को चरित्रहीन साबित करने के लिए बच्चों का नहीं करा सकते डीएनए टेस्ट', हाई कोर्ट ने दिया पति को झटका

दोस्त ने छात्रा को मिलने के लिए कमरे पर बुलाया, फिर 4 लोगों ने किया गैंगरेप; सभी आरोपी नाबालिग

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।