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भोजीपुरा में BJP के सामने सपा से सीट वापस छीनने की चुनौती, समझिए यूपी चुनाव 2027 में क्या होंगे सियासी समीकरण

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 06, 2026 06:31 pm IST,  Updated : Oct 06, 2026 07:46 pm IST

भोजीपुरा में पिछले दो चुनावों में BJP और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर रही है। UP Assembly Election 2027 में भोजीपुरा में एक पाले में BJP और दूसरी तरफ सपा-कांग्रेस का गठबंधन चुनौती देते हुए दिख सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की भोजीपुरा विधानसभा यूपी की हॉट सीटों में से एक है। पिछले तीन दशकों में हुए चुनावों की बात करें तो सपा 3 बार, बीजेपी 3 बार, बीएसपी और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल 1-1 बार भोजीपुरा में जीत हासिल कर चुके हैं। भोजीपुरा का विधानसभा सीट नंबर 120 है। यह बरेली लोकसभा सीट का हिस्सा है। पिछले कई चुनावों में भोजीपुरा में मौजूदा विधायक शाजिल अंसारी, बहोरन लाल मौर्य और वीरेंद्र सिंह गंगवार के बीच टक्कर दिखी है। भोजीपुरा के सामाजिक समीकरण की बात करें तो यहां मुस्लिम, कुर्मी, अन्य OBC समूह और SC वर्ग के मतदाता निर्णायक संख्या में है। आइए समझते हैं कि 1991 से लेकर 2022 तक का भोजीपुरा का चुनावी इतिहास क्या रहा है और आगामी यूपी विधानसभा 2027 में भोजीपुरा में क्या सियासी समीकरण बन रहे हैं।

1991 में बीजेपी के कुंवर सुभाष पटेल के सिर पर बंधा जीत का सेहरा

बात करें 1991 के भोजीपुरा विधानसभा चुनाव की तो तब बीजेपी के कुंवर सुभाष पटेल और जनता पार्टी के मोहम्मद फारूक की टक्कर थी। मतपेटियां खुलीं तो कुंवर सुभाष पटेल 8 हजार 883 वोटों के अंतर से जीत गए। बीजेपी के कुंवर सुभाष पटेल को 37 हजार 228 वोट मिले, जबकि जनता पार्टी के मोहम्मद फारूक 28 हजार 345 वोट ही हासिल कर पाए। इस चुनाव में कांग्रेस के देवपाल सिंह 14 हजार 66 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे। वहीं, जनता दल के नरेंद्र पाल सिंह को चौथे स्थान पर 9 हजार 528 वोटों के साथ संतोष करना पड़ा।

1993 में सपा ने पहली बार बीजेपी से छीनी भोजीपुरा सीट

हालांकि, 1993 के विधानसभा चुनाव में भोजीपुरा की सियासी तस्वीर बदल गई। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी और बीएसपी साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरे थे। समाजवादी पार्टी ने भोजीपुरा से हरीश कुमार गंगवार को टिकट दिया था, वहीं उनके सामने थे बीजेपी के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक सुभाष पटेल। यह चुनाव 4 हजार 330 वोटों के करीबी अंतर से हरीश कुमार गंगवार ने जीत लिया था। सपा के हरीश कुमार गंगवार को 48 हजार 681 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के सुभाष पटेल 44 हजार 351 वोट ही हासिल कर पाए थे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी खुर्शीद हुसैन काफी पीछे छूट गए थे और महज 7 हजार 968 वोट ही जुटा पाए थे।

1996 के त्रिकोणीय मुकाबले में जीत गई BJP

फिर, भोजीपुरा विधानसभा के 1996 के चुनाव में बीजेपी ने फिर वापसी की। इस बार त्रिकोणीय मुकाबला हुआ, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को हुआ। बीजेपी के बहोरन लाल मौर्य ने 45 हजार 156 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस के भानु प्रताप सिंह 34 हजार 757 वोटों पर सिमट गए। दोनों के बीच जीत-हार का अंतर 10 हजार 399 वोट था। सपा प्रत्याशी और मौजूदा विधायक हरीश कुमार गंगवार सीधे तीसरे नंबर पर खिसक गए और 32 हजार 828 वोट ही हासिल कर सके।

2002 में सपा ने फिर की वापसी

2002 में भोजीपुरा में एक बार फिर बाजी पलट गई। ECI के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार फिर 1996 की तरह ही त्रिकोणीय टक्कर हुई लेकिन अबकी बार सपा के वीरेंद्र सिंह ने मैदान मार लिया। वीरेंद्र सिंह ने 42 हजार 761 वोट पाए, जबकि बीएसपी के अब्दुल कादिर के वोटों की संख्या 36 हजार 386 मतों पर ही थम गई। जीत-हार का अंतर 6 हजार 375 वोटों का रहा था। बीजेपी कैंडिडेट और मौजूदा विधायक बहोरन लाल मौर्य सीधे तीसरे नंबर पर खिसक गए और 33 हजार 442 वोट ही हासिल कर सके।

2007 की लहर में BSP पहली बार जीती भोजीपुरा सीट

2007 का विधानसभा चुनाव आया तो बीएसपी ने पहली बार भोजीपुरा सीट जीतने में कामयाबी पाई। बीएसपी के शाजिल इस्लाम अंसारी ने करीबी मुकाबले में बीजेपी के उम्मीदवार बहोरन लाल मौर्य को 1 हजार 130 वोटों के अंतर से मात दे दी। शाजिल इस्लाम अंसारी ने 39 हजार 339 वोट पाए, जबकि बहोरन लाल मौर्य को 38 हजार 209 वोट ही हासिल कर सके। ये चुनाव पिछले 3 दशकों में सबसे टक्कर का था। सपा और मौलाना तौकीर रजा की पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रत्याशी क्रमशः तीसरे और चौथे नंबर पर रहे थे। सपा के वीरेद्र सिंह गंगवार 31 हजार 973 वोट पाए, जबकि इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के सरदार खान 13 हजार 637 वोट ही जुटा सके। इस चुनाव में कांग्रेस 5वें नंबर पर खिसक गई और उसके कैंडिडेट अब्दुल कादिर को 8 हजार 922 वोट मिले।

वर्ष विजेता पार्टी वोट रनर-अप पार्टी वोट अंतर
1991 कुंवर सुभाष पटेल BJP 37,228 मोहम्मद फारूक JP 28,345 8,883
1993 हरीश कुमार गंगवार SP 48,681 सुभाष पटेल BJP 44,351 4,330
1996 बहोरन लाल मौर्य BJP 45,156 भानु प्रताप सिंह INC 34,757 10,399
2002 वीरेंद्र सिंह SP 42,761 अब्दुल कादिर BSP 36,386 6,375
2007 शाजिल इस्लाम अंसारी BSP 39,339 बहोरन लाल मौर्य BJP 38,209 1,130
2012 शाजिल इस्लाम अंसारी IEMC 65,531 वीरेंद्र सिंह गंगवार SP 47,583 17,948
2017 बहोरन लाल मौर्य BJP 1,00,381 शाजिल इस्लाम अंसारी SP 72,617 27,764
2022 शाजिल इस्लाम अंसारी SP 1,19,402 बहोरन लाल मौर्य BJP 1,09,993 9,409

(सोर्स- Election Commission Of India)

मौलाना तौकीर रजा की पार्टी ने लहराया जीत का परचम

2012 के चुनाव में कमाल हो गया क्योंकि किसी भी मुख्य राजनीतिक दल ने नहीं, बल्कि इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल ने भोजीपुरा में जीत का परचम लहरा दिया। मौजूदा विधायक शाजिल इस्लाम अंसारी ने इस बार बीएसपी छोड़कर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के टिकट पर पर्चा भरा था। वोटों की गिनती हुई तो शाजिल इस्लाम अंसारी ने 65 हजार 531 वोट हासिल कर सपा के वीरेंद्र सिंह गंगवार को 17 हजार 948 वोटों के अंतर से हार का स्वाद चखा दिया। वीरेंद्र सिंह गंगवार 47 हजार 583 वोट ही पा सके। वहीं, बीजेपी के बहोरन लाल मौर्य 34 हजार 281 वोट, बीएसपी के अखलाक अहमद 19 हजार 119 वोट और कांग्रेस के योगेश कुमार 14 हजार 815 वोट पाए।

2017 में आखिरकार हो गई बहोरन लाल मौर्य की वापसी

2017 में बीजेपी के बहोरन लाल मौर्य ने भोजीपुरा सीट पर 1 लाख 381 वोट पाए और सपा के शाजिल इस्लाम अंसारी को 72 हजार 617 वोट ही हासिल कर पाए। बहोरन लाल मौर्य 27 हजार 764 वोटों से विजयी हुए। इस चुनाव में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के बजाय शाजिल इस्लाम अंसारी सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। वोटों के लिहाज से यह 1991 से 2022 के बीच सबसे बड़ी जीत थी। बीएसपी के सुलेमान बेग इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे और उन्हें 49 हजार 882 वोट मिले थे। जबकि इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल चौथे नंबर पर खिसक गई थी और उसके प्रत्याशी शेर अली जाफरी 6 हजार 494 वोट ही पा सके।

2022 के चुनाव में शाजिल इस्लाम ने BJP से फिर छीनी सीट

2022 के विधानसभा चुनाव में टक्कर फिर से सपा के शाजिल इस्लाम अंसारी और बीजेपी के बहोरन लाल मौर्य के बीच हुई। ईवीएम के वोटों की गिनती हुई तो शाजिल इस्लाम अंसारी 9 हजार 409 वोटों से जीत गए। शाजिल इस्लाम अंसारी ने 1 लाख 19 हजार 402 वोट और बहोरन लाल मौर्य को 1 लाख 9 हजार 993 वोट हासिल किए। बीएसपी के योगेश कुमार को 26 हजार 909 वोट और कांग्रेस के सरदार खान 1 हजार 963 वोट मिले।

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के राजनीतिक समीकरण

भोजीपुरा सीट पर व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर शाजिल इस्लाम अंसारी चार बार चुनावी मैदान में उतरे और तीन बार विधायक बनने में कामयाबी हासिल की। शाजिल इस्लाम अंसारी 2007 में BSP, 2012 में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल और 2022 में सपा के टिकट पर विधायक बने। वहीं, बीजेपी नेता बहोरन लाल मौर्य लगातार 1996 से भोजीपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस दौरान, 1996 और 2017 में उन्हें विधायक बनने में सफलता भी मिली। 2027 के चुनाव में भोजीपुरा सीट पर एक बार फिर बीजेपी और सपा के कैंडिडेट में सीधा मुकाबला हो सकता है। दूसरी तरफ, बीएसपी उम्मीदवार किसके वोटों में सेंध लगाएगा, इस पर भी नजर रहेगी। देखना ये भी होगा कि सपा, बीजेपी और बीएसपी जातीय गोलबंदी सेट करने में किन उम्मीदवारों का चयन करती हैं।

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