उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल उठाने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में 17 जुलाई को उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब एक छेड़छाड़ पीड़िता न्याय की मांग को लेकर बीएसएनएल (BSNL) ऑफिस परिसर में बने करीब 50 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लगभग तीन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर युवती को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।
पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप
युवती का गंभीर आरोप है कि उसने जहानाबाद थाना क्षेत्र में दूसरे समुदाय के कुछ युवकों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और बदसलूकी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों ने सार्वजनिक स्थान पर उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश भी की थी। युवती का कहना है कि पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच करने के बजाय आरोपियों से साठगांठ कर ली। पुलिस ने केस को रफा-दफा करने के लिए कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाकर मामला बंद कर दिया। इसी बात से आहत होकर उसे यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
युवती ने कूदकर जान देने की दी चेतावनी
टावर पर चढ़ी युवती बेहद गुस्से और तनाव में थी। उसने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि अगर उसे न्याय नहीं मिला या किसी ने उसे जबरन नीचे उतारने की कोशिश की, तो वह ऊपर से कूदकर अपनी जान दे देगी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले को संभालने की कोशिश की।
दोबारा जांच के आश्वासन पर पीड़िता उतरी नीचे
अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने और मिन्नतें करने के बाद युवती शांत हुई। अधिकारियों ने उसे भरोसा दिलाया कि पुलिस ने जो रिपोर्ट लगाकर मामला बंद किया है, उसे रद्द किया जाएगा। पूरे मामले की नए सिरे से सही जांच होगी और अगर आरोप सच निकले, तो आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। इस भरोसे के बाद लड़की टावर से नीचे आने के लिए राजी हो गई। इसके बाद पुलिस उसे आगे की बातचीत और कार्रवाई के लिए शहर के बड़े पुलिस दफ्तर ले गई।
पीलीभीत से कुलदीप कल्प की रिपोर्ट
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