उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में पुलिस ने नकली सिगरेट बनाने वाले एक बहुत बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। यह मामला झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुमनावारा-पिछोर के महाराणा प्रताप नगर इलाके का है। यहां एक गोदाम और फैक्ट्री के अंदर बड़े पैमाने पर नामी-गिरामी कंपनियों के नाम पर नकली सिगरेट बनाने का धंधा चल रहा था। पुलिस ने इस फैक्ट्री पर अचानक छापेमारी करके करीब दो करोड़ रुपये का नकली सामान, तंबाकू और सिगरेट बनाने वाली भारी-भरकम मशीनें जब्त कर ली हैं। इस गैरकानूनी धंधे में शामिल 63 साल के एक बुजुर्ग आरोपी, जिनका नाम श्रीनिवास मिश्रा है, उनको पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी कार्रवाई आईटीसी कंपनी की टीम की तरफ से पुलिस में की गई एक शिकायत के आधार पर की गई है। कंपनी की टीम को लगातार यह जानकारी मिल रही थी कि उनके नामी ब्रांड्स का गलत इस्तेमाल करके बाजार में नकली सामान बेचा जा रहा है। जब पुलिस और आईटीसी की टीम ने उस गोदाम और फैक्ट्री की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। अंदर सिगरेट तैयार करने वाली तीन बड़ी मशीनें बिल्कुल चालू हालत में चल रही थीं। मशीनों में धड़ल्ले से तंबाकू डाली जा रही थी और उससे नकली सिगरेट बनाई जा रही थीं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बरामद किए अवैध सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया। इसमें तंबाकू के कुल 81 बड़े बोरे, सिगरेट के रैपर, खाली पैकेट और इसके अलावा बाजार में बिकने वाले लोकप्रिय ब्रांड जैसे गोल्ड फ्लेक, विल्स फ्लेक और रॉयल स्कट के नाम से जुड़ी लाखों रुपये की पैकेजिंग सामग्री और फिल्टर रोल शामिल थे। जब आईटीसी कंपनी के तकनीकी स्पेशलिस्ट ने मौके पर इन चीजों की जांच की, तो यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि वहां तैयार हो रही सिगरेट और मिलने वाली सभी सामग्रियां पूरी तरह से नकली थीं, जिन्हें लोगों को धोखा देने के लिए असली ब्रैंड्स के डिब्बों में पैक किया जा रहा था।
2 करोड़ रुपये का सामान किया गया बरामद
पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई में बरामद किए गए माल की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों यानी नायब तहसीलदार की मौजूदगी में सारा अवैध सामान जब्त कर लिया गया और उस गोदाम व फैक्ट्री को सील कर दिया गया ताकि आगे कोई अवैध गतिविधि न हो सके। पकड़े गए मुख्य आरोपी श्रीनिवास मिश्रा के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की बहुत बारीकी से कानूनी जांच-पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध सिगरेट बनाने के काले कारोबार में केवल यही बुजुर्ग अकेला शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या गिरोह काम कर रहा है। इसके साथ ही, यह नकली माल कहां-कहां सप्लाई किया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि इस अवैध खेल से जुड़े हर एक शख्स तक पहुंचा जा सके।
झांसी से आकाश राठौड़ की रिपोर्ट
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