लखनऊ: सीएम योगी आज लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए। इस कार्यशाला का विषय 'आत्मनिर्भर भारत-स्वदेशी संकल्प' था। इस कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी स्वदेशी सामान अपनाने पर बल दिया। सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के हमले से पहले हिंदू आबादी 60 करोड़ थी, जो आजादी के समय 30 करोड़ रह गई। हमारी आबादी बढ़नी चाहिए थी जो कि घट गई। इसका साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के स्वदेशी के नारे पर बल देते हुए कहा कि हमें भारतीय श्रमिकों के द्वारा बनाई गई हर चीज को बढ़ावा देना चाहिए।
'आधी हो गई हिंदू आबादी'
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "कहा जाता है कि जब इस्लाम ने भारत पर पहला आक्रमण किया था, उस समय और उसके बाद भी, वर्ष 1100 तक, भारत में हिंदुओं की आबादी 60 करोड़ थी। जब 1947 में देश को आज़ादी मिली, तब हिंदू आबादी केवल 30 करोड़ थी। बताइए, इन 800-900 सालों में हमारी आबादी बढ़नी चाहिए थी या घटनी चाहिए थी? यानी न सिर्फ आबादी घटी, बल्कि हमारा कृषि उत्पादन भी कम हुआ। यह घटती आबादी न सिर्फ आक्रमणकारियों द्वारा मारी गई, बल्कि भूख, बीमारी और तमाम तरह की यातनाओं से भी मरी। विदेशी गुलामी ऐसे ही होती है।"
स्वदेशी अपनाने पर दिया जोर
सीएम योगी ने आगे कहा, "इस देश पर भी यही सब कुछ हुआ। इस देश पर अत्याचार और शोषण हुआ। भारत के पास क्या नहीं था? सब कुछ था। लेकिन कुछ लोगों ने जाति, क्षेत्र, भाषा, कई चीजों के आधार पर लोगों को बांट दिया। आज भी, वे उसी विदेशी मानसिकता से काम करते हैं। वे समाज को बांट रहे हैं, फूट डाल रहे हैं। वे हर तरह से इस स्वदेशी अभियान पर उंगली उठाएंगे। लेकिन प्रधानमंत्री का संदेश है कि हमें भारतीय श्रमिकों के श्रम और हमारे युवाओं की प्रतिभा से बनी हर चीज को बढ़ावा देना चाहिए।"
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