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लखनऊ में BJP के मेयर और पार्षदों के बीच बड़ा विवाद, विकास के लिए फण्ड न देने का आरोप, राजनाथ सिंह तक पहुंची शिकायत

 Reported By: Ruchi Kumar Written By: Subhash Kumar
 Published : Aug 10, 2026 04:49 pm IST,  Updated : Aug 10, 2026 05:02 pm IST

यूपी के लखनऊ में भाजपा के ही मेयर और पार्षदों के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पार्षदों ने मेयर के ऊपर विकास के लिए फण्ड न देने का आरोप लगाया है। मेयर की शिकायत राजनाथ सिंह तक पहुंच गई है।

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राजनाथ सिंह तक पहुंची लखनऊ मेयर की शिकायत। Image Source : X (@SUSHMA_KHARKWAL)/PTI

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेयर सुषमा खर्कवाल और बीजेपी के कुछ पार्षदों के बीच विवाद हो गया है। बीजेपी के एक दर्जन से ज्यादा पार्षदों को शिकायत है कि मेयर उनको विकास के लिए फण्ड नही दे रही है। दरअसल मेयर ने मई में जारी 68 करोड़ से ज्यादा के बजट में बीजेपी के 45 पार्षदों को एक भी पैसा नही दिया है। बीजेपी के कुछ नाराज पार्षदों ने केंद्रीय रक्षा मंत्री सांसद राजनाथ सिंह से इसकी शिकायत की है। वहीं, जानकारी सामने आई है कि लखनऊ की मेयर सुषमा खार्कवाल भी राजनाथ सिंह से मिली हैं। आपको बता दें कि राजनाथ सिंह लखनऊ से ही सांसद हैं।

क्या है पूरा विवाद?

सामने आई जानकारी के अनुसार, लखनऊ नगर निगम में इसी साल मई महीने में 68 करोड़  66 लाख रुपये का बजट पास किया गया था। बजट में अवस्थापना निधि के 55 करोड़ 40 लाख रुपये और 15वें वित्त से तेरह करोड़ रुपये दिए गए थे। वैसे पार्षदों को हर साल दो करोड़ दस लाख रुपये का फंड बीकेटी क्षेत्र के विकास के लिए मिलता है , लेकिन ये बजट उससे अलग है। मेयर ने इस बजट से समाजवादी पार्टी के 14 और बीजेपी के 45 पार्षदों को एक भी पैसा नहीं दिया। इससे बीजेपी पार्षद नाराज हैं।

मेयर ने क्या जवाब दिया?

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नगर निगम में कुल 110 निर्वाचित पार्षद और दस मनोनीत पार्षद हैं। इनमें से एक पार्षद की मौत हो चुकी है। वहीं, निर्वाचित 109 पार्षदों में से निगम में बीजेपी के 84 पार्षद हैं। मेयर का कहना है कि फण्ड जरूरत के मुताबिक, दिया जाता है, इसमें कोई भेदभाव नहीं होता है। कुछ पार्षद किसी के इशारे पर उनपर झूठे आरोप लगा रहे हैं।

यूपी में अगले साल है चुनाव

एक स्थानीय निवासी का कहना है कि लखनऊ के सबसे पॉश और महंगे इलाके विपुल खंड में सड़कें टूटी हुई हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी सड़क नहीं बन रही है। इलाके के लोग परेशान हैं। यहां पार्षद भी बीजेपी की हैं लेकिन कई साल से सड़क नहीं बनवा पा रही हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे समय में पार्षदों की बगावत का बीजेपी को नुकसान भी हो सकता है।

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