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कानपुर में 100 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश, दुबई में बैठा सरगना चला रहा था गिरोह, पुलिस ने 3 को दबोचा

 Written By: Amar Deep
 Published : Aug 29, 2026 03:56 pm IST,  Updated : Aug 29, 2026 04:57 pm IST

कानपुर पुलिस ने ऑनलाइन साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का मुख्य सरगना सुल्तान मिर्जा दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। शुरुआती जांच में देश-विदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

कानपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।- India TV Hindi
कानपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार। Image Source : REPORTER INPUT

कानपुर कमिश्नरेट की फजलगंज पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कानपुर से लेकर उन्नाव और अन्य स्थानों तक फैला हुआ था, जबकि इसका कथित मुख्य सरगना दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के अनुसार, अब तक की जांच में इस नेटवर्क के तार देश और विदेश में फैले होने की जानकारी मिली है। गिरोह के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी किए जाने की आशंका है। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, फजलगंज थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की तो साइबर फ्रॉड के बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कपिल देव उर्फ संटी, अभय प्रताप और रोहित सिंह उर्फ रुद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

89 क्रेडिट कार्ड बरामद

पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से साइबर फ्रॉड और बैंकिंग गतिविधियों से जुड़े बड़ी मात्रा में उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, POS मशीनें, ATM कार्ड, 89 क्रेडिट कार्ड, बड़ी संख्या में सिम कार्ड, चेकबुक और पासबुक, बैंकिंग रजिस्टर और अन्य दस्तावेज, आधार कार्ड की छायाप्रतियां, इंक पैड समेत अन्य सामग्री बरामद की गई हैं। पुलिस अब इन सभी उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रही है।

सीधे-सादे लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर गरीब और सीधे-सादे लोगों को बहला-फुसलाकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो हासिल करता था। इसके बाद इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे। आरोप है कि इन खातों की बैंकिंग डिटेल और संचालन से जुड़ी जानकारी गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी। इसके बाद इन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था।

फर्जी फर्मों के जरिए खोले जा रहे बैंक खाते

पुलिस को जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने में भी शामिल था। साइबर ठगी से आने वाली रकम को अलग-अलग खातों के जरिए ट्रांसफर कर उसकी वास्तविक स्रोत तक पहुंच को जटिल बनाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने बैंक खाते खुलवाए, किन लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और इन खातों के जरिए कितनी रकम का लेन-देन हुआ।

दुबई से नेटवर्क चला रहा कथित सरगना

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का कथित मुख्य सरगना सुल्तान मिर्जा है, जो वर्तमान में दुबई में रहकर गिरोह की गतिविधियों को संचालित कर रहा था, जांच में कानपुर, उन्नाव समेत अन्य स्थानों पर गिरोह के अलग-अलग सदस्यों और सहयोगियों के सक्रिय होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस सुल्तान मिर्जा के अलावा जावेद, केपी, अमित समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, अब तक की जांच में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े तार सामने आए हैं। हालांकि, पूरे मामले की जांच अभी जारी है और बैंक खातों, डिजिटल डिवाइस तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ठगी की वास्तविक रकम और नेटवर्क के विस्तार को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल फजलगंज पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश, संदिग्ध बैंक खातों की जांच और साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े देश-विदेश के कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। (इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)

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