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कानपुर RTO ऑफिस में छापेमारी, 22 दलाल पकड़े, बाबू के पास मिला लाखों का कैश

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Aug 24, 2026 06:09 pm IST,  Updated : Aug 24, 2026 06:12 pm IST

कानपुर के आरटीओ दफ्तर में उस वक्त अफरा तफरी का माहौल बन गया, जब वहां छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान 22 दलालों को पकड़ा गया है, साथ ही कुछ अनियमितताएं भी मिलने की बात सामने आ रही है।

raid was conducted at the Kanpur RTO office on Monday, during which there was an atmosphere of cha- India TV Hindi
कानपुर आरटीओ ऑफिस में सोमवार को छापेमारी की गई, इस दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के कानपुर में RTO कार्यालय में सोमवार दोपहर जिला प्रशासन, पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। करीब 50 पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर कार्यालय में दाखिल हुए और दोनों गेट बंद करा दिए। पुलिस की अचानक कार्रवाई से परिसर में मौजूद कथित दलालों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग इधर-उधर भागने लगे, जबकि कुछ दीवार फांदकर निकलने में कामयाब हो गए। टीम ने पीछा कर 22 कथित दलालों को पकड़ लिया।

करीब तीन घंटे तक चला एक्शन

छापेमारी करीब तीन घंटे तक चली। इस दौरान RTO कार्यालय के अलग-अलग विभागों में दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, कैश और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कार्यालय परिसर के बाहर मौजूद अवैध वेंडरों की दुकानों की भी जांच की। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कई वेंडर दुकानें बंद कर वहां से चले गए।

चालान बाबू के पास मिला एक लाख रुपये कैश

जांच के दौरान प्रवर्तन कक्ष में तैनात चालान बाबू मृदुल मिश्रा के पास करीब एक लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, मृदुल मिश्रा मौके पर इस रकम का संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके। टीम ने नकदी और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, कैश विभाग में भी रकम के मिलान के दौरान अंतर सामने आया। कैश डिपार्टमेंट के बाबू विपिन कुमार के पास करीब 15 हजार रुपये कम पाए जाने की जानकारी दी गई है। प्रशासन का कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर रखी रकम के मिलान में करीब 5 से 7 हजार रुपये और अन्य रकम का भी अंतर मिला है। इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।

RTO के RI से बंद कमरे में पूछताछ

छापेमारी के दौरान एडीसीपी स्पेशल ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने RTO के रीजनल इंस्पेक्टर (RI) संतोष यादव से बंद कमरे में पूछताछ की। अधिकारियों ने कार्यालय के विभिन्न अनुभागों में जाकर कर्मचारियों से भी जानकारी ली। टीम ने कंप्यूटर और लैपटॉप की जांच के साथ-साथ जरूरी दस्तावेजों को भी खंगाला। जांच के दौरान मिले रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार्यालय में कथित अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा है।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

SDM सदर अनुभव सिंह के मुताबिक, RTO विभाग से संबंधित शिकायतें प्रशासन को पहले से मिल रही थीं। ताजा शिकायत एक ट्रक चालक कामता प्रसाद ने की थी। चालक के अनुसार, वह ट्रक लेकर जा रहा था। भौंती बाईपास के पास उसका वाहन RTO की कार्रवाई में रोका गया और विभिन्न नियमों के उल्लंघन का चालान किया गया, चालक का आरोप है कि उससे कुल 26,700 रुपये लिए गए, लेकिन उसे 21,700 रुपये की ही रसीद दी गई। यानी उसके अनुसार भुगतान और रसीद की रकम में 5 हजार रुपये का अंतर था। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम गठित की और सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे RTO कार्यालय में छापा मारा।

ट्रक चालक ने सीट बेल्ट और हॉर्न के चालान पर भी उठाए सवाल

शिकायतकर्ता कामता प्रसाद ने बताया कि उसके ट्रक पर सीट बेल्ट और हॉर्न से संबंधित नियमों के उल्लंघन का भी चालान किया गया था। उसका कहना है कि ट्रक में सीट बेल्ट को लेकर की गई कार्रवाई को लेकर भी उसने आपत्ति जताई थी। साथ ही उसने दावा किया कि उसके पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस मौजूद था। कामता के मुताबिक, चालान के नाम पर उससे 26,700 रुपये लिए गए, जबकि उसे 21,700 रुपये की रसीद दी गई। शिकायत के बाद उसने जिला प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए कार्रवाई शुरू हुई।

बायोमीट्रिक काउंटर पर भी जांच

छापेमारी के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम सारथी भवन भी पहुंची। वहां काउंटर नंबर-6 पर वाहनों के लाइसेंस से जुड़े बायोमीट्रिक कार्य की जांच की गई। टीम ने कर्मचारी मुजाहिद फारुकी से भी पूछताछ की। कर्मचारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक तकनीकी समस्या के कारण साइट नहीं चल रही थी, इसलिए बायोमीट्रिक प्रक्रिया प्रभावित रही। उसके बाद दोपहर 12 बजे से 3:30 बजे के बीच करीब 15 बायोमीट्रिक किए जाने की जानकारी सामने आई।

पुलिस टीम द्वारा ड्रोन से रखी गई नजर

RTO कार्यालय में कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने ड्रोन के जरिए भी निगरानी की। इसका उद्देश्य परिसर के आसपास और संभावित भागने वाले रास्तों पर नजर रखना था। छापेमारी की अचानक कार्रवाई के कारण कार्यालय में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, इसी दौरान पुलिस और एक वकील के बीच कहासुनी होने की भी जानकारी सामने आई। हालांकि, टीम ने अपनी जांच जारी रखी और कार्यालय के रिकॉर्ड की पड़ताल पूरी की।

22 दलाल पुलिस के हवाले, कई की तलाश

करीब तीन घंटे चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने पकड़े गए 22 कथित दलालों को काकादेव थाना पुलिस के हवाले कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस अब पकड़े गए लोगों से पूछताछ के साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे RTO कार्यालय में किस तरह का काम करते थे और किन कर्मचारियों या अन्य लोगों के संपर्क में थे। जांच टीम ने RTO परिसर से जरूरी दस्तावेज, CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कैश के रखरखाव और रकम के मिलान में अनियमितताएं सामने आई हैं।

कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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