लखनऊ : राजधानी लखनऊ के जियामऊ पुल के पास भारी बारिश से बचने के लिए दुपहिया वाहन चालक पुल के नीचे गाड़ी खड़ी कर बारिश के बंद होने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच पुलिस वहां पहुंच गई और लगी लोगों के चालान काटने। इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बारिश से परेशान दुपहिया चालकों का चालान
लखनऊ में मौसम का मिजाज बिगड़े ही बारिश शुरू हो गई। बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी दुपहिया चालकों को होती है। वे बारिश के बचने के लिए अक्सकर किसी अंडरपास या फुटओवर ब्रिज की शरण लेते हैं। लखनऊ में जियामऊ पुल के पास बड़ी संख्या में दुपहिया चालक बारिश से बचने के लिए पुल के नीचे खड़े हो गए। लेकिन लोगों के लिए यहां रुकना मुसीबत बन गया।
पुलिस ने संवेदनहीनता दिखाते हुए इन बाइक सवारों को राहत देने के बजाय उनकी गाड़ियों के चालान काटने लगी। इस घटना ने लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में नवंबर तक राज्य में कुल 46,223 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 24,776 लोगों की जान चली गयी। सीएम योगी ने इन आंकड़ों को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा था कि एक भी दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे जाती है और इस पीड़ा को वही परिवार समझ सकता है। उन्होंने पिछले दिसंबर महीने में एक कार्यक्रम में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोर निर्णय लेना भी आवश्यक है।किसी एक वास्तविक सड़क दुर्घटना के उदाहरण को सामने रखकर आमजन को यह समझाया जाए कि एक छोटी सी लापरवाही किस प्रकार पूरे जीवन की दिशा बदल देती है। मुख्यमंत्री जी की बात तो अपनी जगह सही थी लेकिन जिस तरह से बारिश में भीगते लोगों के साथ पुलिस ने व्यवहार किया, उस पर सवाल उठ रहे हैं।