उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में मेट्रो के अगले कॉरिडोर को लेकर काफी तेजी से काम किया जा रहे है, लेकिन इसी बीच एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। कानपुर में तीन जुलाई को सुबह काफी भारी बारिश हुई तो वहीं काकादेव क्षेत्र में कानपुर मेट्रो की कथित लापरवाही के चलते दर्जनों लोगों की जान आफत में पड़ गई। काकादेव थाना क्षेत्र के पांडु नगर में स्थित हरमोनी विला अपार्टमेंट का एक बड़ा सिरा अचानक ताश के पत्तों की तरह धंस गया। जमीन खिसकने से पूरी सोसाइटी में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में इमारत को खाली कराया गया है। अपार्टमेंट के बेसमेंट की भारी-भरकम दीवार ढह गई और देखते ही देखते कई दुपहिया वाहन मलबे और गहरे गड्ढे में जमींदोज हो गए।
कानपुर के काकादेव में हरमोनी विला में रहने वाले
स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि टनल या पिलर के लिए चल रहे मेट्रो के निर्माण कार्य की वजह से यहां की जमीन खिसकी है। इसके चलते अपार्टमेंट के बेसमेंट की भारी-भरकम दीवार ढह गई और देखते ही देखते कई दुपहिया वाहन वहां बने गहरे गड्ढे में समा गए। वहीं इस अपार्टमेंट में रह रहे लोग समय रहते सतर्क हो गए जिससे एक बड़ा हादसा होने से जरूर टल गया। घटना की सूचना मिलते ही काकादेव पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अब तक 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी तेजी से जारी है। इस मामले को लेकर एसीपी आकांक्षा पांडे ने बताया कि पांडु नगर के हरमोनी विला में बेसमेंट की दीवार धंसने की सूचना मिली थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत 50 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। प्राथमिकता सभी को सुरक्षित बाहर निकालने की है। हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
घटना के बाद इलाके में डर का माहौल
मेट्रो निर्माण कार्य के चलते हुई इस घटना के बाद काकादेव इलाके के हरमोनी विला अपार्टमेंट के आसपास रहने वाले इलाके के लोगों में डर और टेंशन का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार मेट्रो प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस घटना को लेकर हरमोनी विला में रहने वाले एक निवासी ने कहा कि हम लोग अपने घरों में थे, तभी अचानक एक तेज आवाज हुई और लगा जैसे भूकंप आ गया हो। नीचे आकर देखा तो बेसमेंट की दीवार धंस चुकी थी और हमारी गाड़ियां मलबे में दबी थीं। यह पूरी तरह से मेट्रो प्रशासन की लापरवाही है। वह सुरक्षा मानकों का ध्यान में नहीं रख रहे हैं।
(रिपोर्ट - ज्ञानेंद्र शुक्ला)
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