फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में रेल दुर्घटना की साजिश रचे जाने के मामले में गिरफ्तार 2 आरोपियों के परिजनों के चौंकाने वाले बयान सामने आए हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपियों देव सिंह और मोहन उर्फ सोनू कश्यप के परिवारजनों का कहना है कि घटना के वक्त दोनों ही नशे की हालत में थे। आरोपियों के गांव हरियारपुर के निवासियों का भी कहना है कि दोनों के नशे की लत से सभी परेशान थे क्योंकि वे शराब पीने के बाद अक्सर हुड़दंग करते थे।
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‘शराब के नशे में पटरी से लकड़ी हटा ही नहीं पाया’
आरोपी देव सिंह के पिता कमलेश भारतीय किसान यूनियन के नेता हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा शराब का आदि है और वह खुद उसकी इस आदत से बहुत ज्यादा त्रस्त हैं। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन उनके बेटे ने शराब पी हुई थी और रेलवे स्टेशन के पास वाले खेत में पानी लगाया हुआ था। उन्होंने कहा, ‘देव ने देखा पेड़ गिरा हुआ है तो वह पेड़ को उठा कर पटरी के पार दूसरी ओर करने लगा लेकिन शराब के नशे में वह इतना चूर था कि लकड़ी खींच ही नहीं पाया और इतने में ट्रेन आ गई तो वह मौके से भाग गया।’
‘फिलहाल अपने बेटे की जमानत नहीं करवाऊंगा’
कमलेश का कहना है वह खुद शर्मिंदा हैं और उन्हें अपने बेटे के किए पर शर्म आ रही है। रोते-रोते उन्होंने कहा कि वह फिलहाल अपने बेटे की जमानत नहीं करवाएंगे क्योंकि वह जेल में रहेगा तो उसे अपनी गलती का अहसास होगा। वहीं दूसरे आरोपी मोहन उर्फ सोनू कश्यप के पिता मणिलाल का कहना है कि आरोपी की मां का निधन बहुत पहले हो चुका था और बेटे की शराब की लत के कारण उसकी पत्नी भी उसे छोड़ के जा चुकी है। उन्होंने कहा, ‘मोहन दिहाड़ी कर के सारे पैसे का शराब पी जाता था। घटना के वक्त भी वह नशे में था और उसने कई लोगों को खुद घटना के बारे में बताया।’
‘भाई शराब पी कर लड़ाई-झगड़ा करता था’
मणिलाल ने कहा कि पुलिस मोहन को घर आकर गिरफ्तार कर के ले गई। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे की जमानत 1 साल तक नहीं करवाएंगे। आरोपी के भाई विकास और बहन कृति ने बताया कि कैसे उनका भाई शराब पी कर लड़ाई-झगड़ा करता था और हमेशा शराब के नशे में रहता था। गांव वालों और पड़ोसियों ने भी बताया कि दोनों आरोपी बहुत ज्यादा शराब पीते थे और हुड़दंग मचाकर गांववालों को परेशान करते थे। गांव वालों ने बताया कि मामला सामने आने के बाद पुलिस ने गांव में कई लोगों से पूछताछ की थी जिसके बाद दोनों आरोपियों की पहचान हुई और वे गिरफ्तार हुए। उन्होंने बताया कि इससे पहले आरोपियों के खिलाफ कोई पुलिस केस नहीं था। (रिपोर्ट: अविनाश तिवारी)