मथुरा: अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने का मामला सामने आने के बाद वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन भी सतर्क हो गया है। मंदिर में सुरक्षा बढ़ाने और पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन ने दान पेटिकाओं (गोलक) पर क्यूआर कोड (QR Code) लगा दिए हैं। मंदिर कार्यालय में SBI ने डिजिटल भुगतान के लिए नई मशीन लगाई है।
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे अधिक से अधिक ऑनलाइन दान करें। मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी भी भक्तों को डिजिटल माध्यम से दान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ऑनलाइन दान की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए मंदिर कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मशीन लगाई गई है और जल्द ही दूसरी मशीन भी स्थापित की जाएगी।
ऑनलाइन पेमेंट करने की अपील
इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति मंदिर परिसर में जगह-जगह ऑनलाइन दान के बोर्ड लगाने की योजना बना रही है। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार के अनुसार, चढ़ावे में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का असर दिखने लगा है। पिछले चार महीनों में ऑनलाइन दान करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में मंदिर को मिलने वाले कुल दान का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से आ रहा है।
चोरी रोकने के लिए बदले नियम
पहले मंदिर परिसर में दान पेटिकाओं पर डलिया, फूल माला या चुनरी रखकर कुछ कर्मचारी खड़े हो जाते थे। वे श्रद्धालुओं से सीधे नकदी लेकर अपनी जेब में रख लेते थे। इस गड़बड़ी को रोकने के लिए समिति ने दान पेटिकाओं का आकार बदलवा दिया है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष अप्रैल में केनरा बैंक के एक कर्मचारी अभिनव सक्सेना को दान राशि गिनते समय 9.38 लाख रुपये चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर बैंक से बर्खास्त कर दिया गया था। इससे पहले भी तीन बार मंदिर के भंडारी चोरी करते पकड़े जा चुके हैं, जिन्हें सेवा से हटा दिया गया है। बांके बिहारी मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। इस वर्ष केवल मार्च, अप्रैल और मई के महीने में ही मंदिर प्रबंधन को 4.90 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है।
रिपोर्ट- विपिन सारस्वत, मथुरा
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