प्रयागराज के हंडिया इलाके में समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी पुलिस से बचकर भागने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों लल्ला यादव और नेहाल अली को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पवन यादव और विनोद यादव दोनों जुड़े थे सपा से
पुलिस के मुताबिक, पवन यादव और विनोद यादव दोनों समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए थे। विनोद यादव की पत्नी के प्रधान का चुनाव जीतने के बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार, विनोद की पत्नी शिक्षक भी थीं और पवन यादव ने उनकी नौकरी को लेकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। इसके बाद से ही दोनों के बीच रंजिश बढ़ती गई।
पुरानी रंजिश के चलते रची हत्या की साजिश
पुलिस का दावा है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते विनोद यादव ने पवन यादव की हत्या की साजिश रची। वारदात के बाद आरोपियों की तलाश में पुलिस ने 50 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस ने नेहाल अली और लल्ला यादव को ट्रेस किया।
गोली मारकर आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम ने घेराबंदी की थी, लेकिन उन्होंने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे विनोद और बृजेश यादव
इस मामले में पुलिस इससे पहले विनोद यादव और बृजेश यादव को गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, लल्ला यादव हिस्ट्रीशीटर है, जबकि बृजेश यादव के खिलाफ 45 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब हत्याकांड में शामिल अन्य पहलुओं और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में कई अन्य खुलासे भी हो सकते हैं।
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