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अल-कायदा की आतंकी विचारधारा से जुड़े आरोपी की तमिलनाडु से गिरफ्तारी, पाकिस्तान के हैकर्स के भी था संपर्क में

 Reported By: Vishal Singh,  Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 16, 2026 06:06 pm IST,  Updated : Sep 16, 2026 06:24 pm IST

गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। एटीएस ने बताया कि आरोपी मकसूद ने ऑनलाइन माध्यम से Python, Java, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी हासिल की थी। वह पाकिस्तान हैकर्स के संपर्क में भी था।

तमिलनाडु से हुआ गिरफ्तार- India TV Hindi
तमिलनाडु से हुआ गिरफ्तार Image Source : REPORTER INPUT

अल-कायदा इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा से जुड़े होने के आरोप में यूपी एटीएस ने तमिलनाडु से मकसूद अली को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर का रहने वाला मकसूद तमिलनाडु में रहकर कारपेंटर का काम कर रहा था। एटीएस के मुताबिक, आजमगढ़ से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद नबील से मिली जानकारी के आधार पर मकसूद को गिरफ्तार किया गया। मकसूद को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु से लखनऊ लाया गया, जहां उसे अदालत में पेश किया गया।

जिहाद के लिए उकसाने की कोशिश

एटीएस के अनुसार, मकसूद अल-कायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित था और युवाओं को कथित तौर पर मुजाहिद बनाकर जिहाद के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह जिहाद के लिए धन जुटाने और अत्याधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग की तैयारी में भी जुटा हुआ था

पाकिस्तानी हैकर्स के भी था संपर्क में

जांच में यह भी सामने आया कि मकसूद पाकिस्तान के कुछ हैकर्स के संपर्क में था और कथित तौर पर हैकिंग टूल तैयार करने का प्रयास कर रहा था। एटीएस के मुताबिक, उसने ऑनलाइन माध्यम से Python, Java, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी हासिल की थी।

CAPTAIN M NETWORK नाम से तैयार किया था एप्लीकेशन 

एटीएस के अनुसार, मकसूद ने अपने कथित मकसद को आगे बढ़ाने के लिए "CAPTAIN M NETWORK" नाम से एक सिक्योर एप्लीकेशन भी तैयार किया था। इसका उद्देश्य एक प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जोड़ना और उनके बीच समन्वय स्थापित करना बताया गया है। इसी एप्लीकेशन के जरिए नबील, मकसूद और कुछ अन्य लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई है।

वॉटस्एप पर बना रखे थे कई ग्रुप

जांच एजेंसी के मुताबिक, मकसूद दो वॉटस्एप अकाउंट का इस्तेमाल करता था। इनमें "UU Entry Gate", "United Ummah", "Gazwa e Hind", "Team Black Hat" और "Lashkar e Mehndi" जैसे ग्रुप शामिल थे। एटीएस का दावा है कि इन ग्रुपों में पाकिस्तानी हैकर्स समेत कई पाकिस्तानी नंबर जुड़े हुए थे। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी एक सिक्योर मैसेजिंग ऐप बनाने और एक साझा प्लेटफॉर्म पर बातचीत करने की योजना पर काम कर रहा था। एटीएस के मुताबिक, WhatsApp ग्रुप के जरिए कथित तौर पर जिहादी और कट्टरपंथी सामग्री का प्रसार किया जा रहा था।

जिहादी साहित्य और बम बनाने से जुड़े वीडियो किए जा रहे थे शेयर

मकसूद, मोहम्मद नबील द्वारा बनाए गए एक WhatsApp ग्रुप से भी जुड़ा था। एटीएस के अनुसार, इस ग्रुप में जिहादी साहित्य और बम बनाने से जुड़े वीडियो साझा किए जा रहे थे। गिरफ्तारी के बाद मकसूद को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु से लखनऊ लाया गया, जहां उसे अदालत में पेश किया गया। मामले में एटीएस आगे की जांच कर रही है।

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