उन्नाव शहर में रविवार देर रात एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कानपुर ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी बंदूक बरामद कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या की ओर इशारा करता दिख रहा है, हालांकि पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है।
मृतक की पहचान 65 साल के रामजीत के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कन्नौज जिले के गुरुसहायगंज थाना क्षेत्र के रउतामई गांव के रहने वाले थे। साल 2021 में पुलिस विभाग की स्थानीय अभिसूचना इकाई यानी एलआईयू से रिटायर होने के बाद वह उन्नाव के पीडी नगर मोहल्ले में अपने बेटे अभिषेक के साथ रह रहे थे।
अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई मौत
पुलिस के मुताबिक, रविवार रात रामजीत ने परिवार के साथ भोजन किया और उसके बाद अपने कमरे में चले गए। रात करीब साढ़े 11 बजे अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। परिजन दौड़कर कमरे में पहुंचे तो वह गंभीर रूप से घायल पड़े मिले। उन्हें तत्काल इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे की तलाशी के दौरान एक लाइसेंसी एकनाली बंदूक बरामद हुई, जिसे कब्जे में ले लिया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए, ताकि घटना के हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा सके।
मानसिक तनाव से गुजर रहे थे रामजीत
परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि रामजीत पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। जांच टीम इन दावों की भी पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी। सदर क्षेत्राधिकारी विनी सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। सभी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
(रिपोर्ट: नवीन सिंह)
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