उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हिंदू युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कांट कस्बे के हिंदू युवक गौतम मौर्य की हत्या की जांच कर रही पुलिस ने उसकी पूर्व प्रेमिका के भाई को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि हत्या लव ट्राएंगल और कथित ब्लैकमेल का नतीजा थी। यह गिरफ्तारी मौर्य की हत्या के सिलसिले में 31 जुलाई को मुख्य आरोपी समीर अली और तीन अन्य को जेल भेजे जाने के कुछ दिनों बाद हुई है।
गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
मामले की अधिक जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नगर) देवेंद्र कुमार ने बताया कि महिला के भाई अश्विनी कुमार को साजिश में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। कुमार ने कहा, 'जांच के दौरान पता चला कि मृतक का पड़ोसी गांव की एक महिला से संबंध था। बाद में उनका अलगाव हो गया और महिला का समीर अली से संबंध बन गया। हालांकि, मृतक कथित तौर पर महिला को परेशान और ब्लैकमेल करता रहा।'
महिला को भी इस साजिश की जानकारी नहीं थी
पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिला ने परेशान होकर अपने भाई और समीर अली को इस बारे में बताया। अधिकारी ने कहा, 'इसके बाद अश्विनी कुमार और समीर अली ने गौतम मौर्य की हत्या की पूरी साजिश रची। महिला को भी इस साजिश की जानकारी थी।'
इससे पहले उसके साथियों को किया गया था गिरफ्तार
पुलिस ने इससे पहले इस मामले में समीर अली और उसके साथियों लियाकत अली, तदीम और राजा को गिरफ्तार किया था। अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के नेतृत्व में गठित तीन टीमें जांच जारी रखे हुए हैं। कुमार ने कहा, 'हमारी टीमें जांच को आगे बढ़ा रही हैं और सबूत जुटा रही हैं। इस मामले में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
पुलिस ने पहले बताया था कि समीर अली ने कथित तौर पर मौर्य की धारदार हथियार से हत्या कर दी और फिर इंस्टाग्राम पर 'मार दिया' लिखकर स्टेटस पोस्ट किया। घटना के बाद आरोपी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह दावा कर रहा था कि उसने अपनी बहन की वजह से हत्या की है।
इस हत्या के बाद 1 अगस्त को कांट कस्बे में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें हजारों ग्रामीणों, पीड़ित परिवार के सदस्यों और हिंदू संगठनों ने लगभग आठ घंटे तक पालिया-लखनऊ राजमार्ग को जाम कर दिया।
120 पुलिसकर्मी कांट कस्बे में तैनात
पुलिस ने बताया कि उत्तेजित भीड़ ने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों की दुकानों को निशाना बनाने की भी कोशिश की, लेकिन इस प्रयास को विफल कर दिया गया। कुमार ने बताया कि एहतियात के तौर पर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी की दो कंपनियां और लगभग 120 पुलिसकर्मी कांट कस्बे में तैनात हैं। उन्होंने आगे कहा, 'स्थिति शांतिपूर्ण है। सर्किल ऑफिसर (सदर) सहित वरिष्ठ अधिकारी तैनाती की निगरानी कर रहे हैं।' (इनपुट- PTI)
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