सावन महीने की शुरुआत होने जा रही है। इस बीच देशभर में एक तरफ जहां कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। वहीं दूसरी तरफ सभी मंदिरों में भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर देशभर के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ मंदिरों में पहुंचती है। इस बीच देवों के देव महादेव के प्रमुख ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में कांवड़ यात्रियों सहित देश के अलग-अलग कोनों से बड़ी संख्या में बाबा के भक्त जलाभिषेक लिए आते हैं। ऐसे में काशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास 2025 को लेकर प्रशासन और जिला प्रशासन की बैठक संपन्न हो चुकी है।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालु इन बातों का रखे ध्यान
इस बैठक के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ ने भक्तों से कहा है कि दर्शन के लिए आने वाले भक्त कोई भी सामान अपने साथ लेकर ना आएं। वे बैग, मोबाइल, पेन, कैमरा, स्मार्ट वॉच, दवाइयां ये सबकुछ अपने ठहरने वाले स्थान पर ही रख कर आएं। साथ ही कुछ खाने पीने के बाद ही मंदिर में लाइन में लगें। बता दें कि सावन महीने के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए ज्योतिर्लिंग के स्पर्श दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है।
कब से शुरू हो रहा सावन?
वैदिक पंचांग के मुताबिक, आषाढ़ पूर्णिमा 10 जुलाई को मनाई जाएगी। इसके अगले दिन यानी 11 जुलाई से सावन के महीने की शुरुआत होगी। आषाढ़ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 11 जुलाई को देर रात 2 बजकर 6 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 12 जुलाई को देर रात 2 बजकर 8 मिनट पर होगा। ऐसे में 11 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो रही है। वहीं 9 अगस्त को सावन का महीना खत्म होगा। बता दें कि इस दौरान सावन महीने में 4 सोमवार पड़ेंगे। इस दौरान मंदिर व अन्य तीर्थस्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिलेगी।
(रिपोर्ट- अश्विनी त्रिपाठी)